बिना प्रॉपर्टी खरीदे रियल एस्टेट से कमाई! REITs ने निवेशकों को बांटे ₹3,136 करोड़, जानें क्यों बढ़ा आकर्षण

कमर्शियल रियल एस्टेट में निवेश के लिए REIT तेजी से एक विकल्प बनकर सामने आ रहे हैं। ताजा आंकड़ों में निवेशकों को मिलने वाले डिस्ट्रीब्यूशन में बड़ी बढ़ोतरी दिखी है। लेकिन क्या REIT नियमित कमाई का बेहतर जरिया बन सकता है और इसमें निवेश से पहले किन बातों को समझना जरूरी है? जानिए।

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In Short

  • Q1 FY27 में लिस्टेड REIT ने निवेशकों को ₹3,136 करोड़ का डिस्ट्रीब्यूशन दिया
  • भारत में लिस्टेड REIT की संख्या बढ़कर 6 हो गई है
  • पांच REIT का मीडियन डिस्ट्रीब्यूशन यील्ड 5.8% रहा

By Gungun Mishra:

भारत में लिस्टेड REIT यानी रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट निवेशकों के लिए कमर्शियल रियल एस्टेट से कमाई का एक बड़ा जरिया बनते दिख रहे हैं। Q1 FY27 में लिस्टेड REIT ने अपने यूनिटहोल्डर्स को कुल ₹3,136 करोड़ बांटे हैं। पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा ₹1,559 करोड़ था। यानी एक साल में डिस्ट्रीब्यूशन दोगुने से ज्यादा हो गया है।

4 से बढ़कर 6 हुए लिस्टेड REIT

भारत में लिस्टेड REIT की संख्या भी बढ़ी है। पहले बाजार में चार REIT थे, जो अब बढ़कर छह हो गए हैं। इनमें ब्रुकफील्ड इंडिया, एम्बेसी ऑफिस पार्क्स, माइंडस्पेस, नेक्सस सेलेक्ट, नॉलेज रियल्टी ट्रस्ट और बागमाने प्राइम ऑफिस शामिल हैं।

ये छह REIT मिलकर 214 मिलियन स्क्वायर फीट से ज्यादा Grade A स्पेस मैनेज करते हैं। इनके कुल ग्रॉस एसेट्स ₹3.17 लाख करोड़ से ज्यादा हैं।

बिना प्रॉपर्टी खरीदे कमर्शियल रियल एस्टेट में निवेश

REIT के जरिए निवेशकों को सीधे बड़ी ऑफिस बिल्डिंग या दूसरी कमर्शियल प्रॉपर्टी खरीदने की जरूरत नहीं होती। वे REIT की यूनिट्स के जरिए इनकम देने वाली कमर्शियल प्रॉपर्टी में एक्सपोजर ले सकते हैं। ताजा आंकड़े बताते हैं कि REIT से मिलने वाला कैश डिस्ट्रीब्यूशन अब इस सेगमेंट का अहम हिस्सा बन रहा है।

24 सितंबर तक उपलब्ध पांच REIT के आंकड़ों के मुताबिक इनका मीडियन डिस्ट्रीब्यूशन यील्ड 5.8% था। ब्रुकफील्ड इंडिया रियल एस्टेट ट्रस्ट का यील्ड सबसे ज्यादा 6.3% था। नॉलेज रियल्टी ट्रस्ट और एम्बेसी ऑफिस पार्क्स REIT का यील्ड 5.8% रहा। नेक्सस सेलेक्ट ट्रस्ट का यील्ड 5.5% और माइंडस्पेस बिजनेस पार्क्स  REIT का 4.8% था।

प्रतीकात्मक तस्वीर

FD की तरह तय नहीं होता रिटर्न

हालांकि REIT को FD जैसे फिक्स्ड इनकम प्रोडक्ट के बराबर नहीं माना जा सकता। इससे मिलने वाला डिस्ट्रीब्यूशन संबंधित प्रॉपर्टी पोर्टफोलियो की परफॉर्मेंस पर निर्भर करता है। इसके अलावा बाजार की स्थिति और वैल्यूएशन के हिसाब से REIT की यूनिट की कीमत भी ऊपर-नीचे हो सकती है।

ऑफिस स्पेस की डिमांड मजबूत

कमर्शियल रियल एस्टेट के लिए ऑफिस डिमांड भी मजबूत बनी हुई है। 2026 की पहली छमाही में देश के टॉप सात शहरों में ऑफिस एब्जॉर्प्शन 27.4 मिलियन स्क्वायर फीट रहा, जबकि 22.2 मिलियन स्क्वायर फीट नए ऑफिस स्पेस का काम पूरा हुआ।

औसत ऑफिस वैकेंसी घटकर 15% रह गई। वहीं GCC लीजिंग सालाना आधार पर 22% बढ़कर रिकॉर्ड 19.2 मिलियन स्क्वायर फीट पहुंच गई।

क्या REIT बन सकता है कमाई का जरिया?

लिस्टेड REIT की बढ़ती संख्या, Grade A कमर्शियल एसेट्स का विस्तार और ऑफिस स्पेस की मजबूत मांग इस सेगमेंट को निवेशकों के लिए ज्यादा अहम बना रही है। नियमित कैश फ्लो के साथ कमर्शियल प्रॉपर्टी से लंबी अवधि में कैपिटल एप्रिसिएशन चाहने वाले निवेशकों के लिए REIT एक विकल्प हो सकता है। हालांकि यह बाजार से जुड़ा निवेश है और इसमें रिटर्न की कोई गारंटी नहीं होती।

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