AI टैलेंट की जंग! DeepSeek ने निवेशकों के सामने रखी ऐसी शर्त जिसे सुनकर हो जाएंगे हैरान

क्या AI की दुनिया में अब सबसे बड़ी लड़ाई तकनीक की नहीं, बल्कि टैलेंट को बचाने की हो रही है? चीन की AI कंपनी DeepSeek ने निवेशकों के सामने ऐसी शर्त रखी है, जिसने पूरी टेक इंडस्ट्री का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।

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AI Image Deepseek
AI Image Deepseek

In Short

  • DeepSeek ने निवेशकों के सामने क्यों अपने कर्मचारियों को नौकरी का ऑफर न देने की अनोखी शर्त रखी?
  • क्या AI टैलेंट बचाने के लिए DeepSeek ने निवेशकों से 'नो-पोच' वादा मांगा?
  • क्या AI की नई जंग अब तकनीक नहीं, टैलेंट पर लड़ी जा रही है? DeepSeek का बड़ा दांव
  • क्या AI कंपनियों के लिए अब इंजीनियर, चिप्स से भी ज्यादा कीमती हो गए हैं?

By Franklin Nigam:

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया तेज़ी से बदल रही है। अब मुकाबला सिर्फ बेहतर AI मॉडल बनाने का नहीं बल्किअसल लड़ाई बेहतर टैलेंट, इंजीनियर्स और रिसर्चर को अपने साथ जोड़े रखने की भी है। चीन की AI कंपनी DeepSeek ने भी ऐसा ही एक कदम उठाया है, जिसने टेक इंडस्ट्री का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।

निवेश करने से पहले रखी अनोखी शर्त

फंड जुटाने पर नजर रखने वाले मीडिया आउटलेट 36Kr की रिपोर्ट के मुताबिक DeepSeek अपने पहले 7.4 अरब डॉलर की फंडिंग राउंड की तैयारी कर रही है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मई में संभावित निवेशकों के साथ हुई करीब चार घंटे की वर्चुअल मीटिंग में कंपनी के संस्थापक लियांग वेनफेंग ने एक खास शर्त रखी। उन्होंने कहा कि "जो भी निवेशक DeepSeek में पैसा लगाएगा, उसे यह वादा करना होगा कि वह कंपनी के कर्मचारियों को अपनी कंपनी में नौकरी का ऑफर नहीं देगा और न ही उन्हें अलग होकर नई कंपनी शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करेगा।" हालांकि, DeepSeek की ओर से इस शर्त पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

आखिर इतनी चिंता क्यों?

दरअसल AI सेक्टर में बेहतर इंजीनियर और रिसर्चर सबसे बड़ी ताकत हैं। कंपनियां अरबों डॉलर खर्च कर रही हैं, लेकिन अगर उनके सबसे अच्छे लोग दूसरी कंपनी में चले जाएं तो पूरा खेल बदल सकता है। इसलिए उन्हें अपने साथ जोड़े रखने की जंग भी लड़ने पड़ रही है। DeepSeek भी इस समस्या को झेल चुकी है। कंपनी के V3 AI मॉडल के विकास में अहम भूमिका निभाने वाले लूओ फुली पिछले साल Xiaomi की AI टीम MiMo में शामिल हो गए थे। बाद में MiMo ने ऐसे AI मॉडल पेश किए। उनके  कई बेंचमार्क मॉडल ने DeepSeek मॉडल से बेहतर प्रदर्शन किया।

चीन में तेज हुई AI टैलेंट की होड़

DeepSeek अकेली कंपनी नहीं है जो इस चुनौती का सामना कर रही है। 36Kr की एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक ByteDance भी अपने दो बड़े AI डेवलपर्स को Tencent के हाथों गंवा चुकी है। वहीं The Information की रिपोर्ट के अनुसार Tencent ने Alibaba के Qwen मॉडल के पूर्व प्रमुख शोधकर्ता जुयांग लिन की नई AI लैब में 2 करोड़ डॉलर का निवेश किया है। इससे साफ है कि चीन की बड़ी टेक कंपनियों के बीच AI विशेषज्ञों को लेकर जबरदस्त प्रतिस्पर्धा चल रही है।

AI की असली दौड़ अब टैलेंट की है

अब तक AI की रेस को चिप्स, डेटा सेंटर और बड़े भाषा मॉडल (LLMs) के नजरिए से देखा जाता था। लेकिन अब तस्वीर बदल रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में वही कंपनियां आगे रहेंगी, जो बेहतरीन AI रिसर्चर्स और इंजीनियरों को अपने साथ बनाए रखने में सफल होंगी। अमेरिका की कंपनियों जैसे OpenAI, Google और Anthropic ने अभी तक निवेशकों के सामने DeepSeek जैसी कोई शर्त सार्वजनिक रूप से नहीं रखी है। लेकिन DeepSeek का यह कदम दिखाता है कि AI इंडस्ट्री में अब सबसे कीमती संपत्ति मशीनें नहीं, बल्कि उन्हें बनाने वाले लोग बन चुके हैं।
 

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