क्या फिर बनेगा पश्चिम बंगाल भारत का ग्रोथ इंजन? सरकार ने चार साल में टॉप पर पहुंचने का रखा लक्ष्य
पश्चिम बंगाल अपनी पुरानी बिजनेस पहचान को फिर से मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। राज्य सरकार ने युवाओं में उद्यमिता का भरोसा बढ़ाने और निवेश को आकर्षित करने पर जोर दिया है। वित्त मंत्री ने कहा कि अगले चार साल में बंगाल तेज ग्रोथ के साथ देश में नई पहचान बना सकता है।

Business Today India@100 Summit: पश्चिम बंगाल सरकार राज्य की आर्थिक पहचान को बदलने की तैयारी में है। Business Today India@100 Summit में पश्चिम बंगाल के वर्तमान राज्य वित्त मंत्री डॉ. स्वपन दासगुप्ता ने कहा कि बंगाल अपनी पुरानी बिजनेस विरासत को फिर से मजबूत करना चाहता है। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले चार साल में राज्य की ग्रोथ इतनी तेज हो कि वह भारत के राज्यों में सबसे आगे पहुंच सके।
बिजनेस को लेकर सोच बदलने पर जोर
वित्त मंत्री ने कहा कि बंगाल के लोगों में बिजनेस के प्रति नकारात्मक सोच नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य की पुरानी परंपरा और विरासत बिजनेस से जुड़ी रही है। अब जरूरत है कि युवाओं में उद्यमिता को लेकर भरोसा और गर्व वापस लाया जाए।
उन्होंने कहा कि बंगाल की आर्थिक वापसी के लिए केवल निवेश और उद्योग लाना ही काफी नहीं है, बल्कि लोगों की सोच में बदलाव भी जरूरी है। इससे निजी निवेश, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है।
चार साल में तेज ग्रोथ का लक्ष्य
डॉ. स्वपन दासगुप्ता ने कहा कि अगर अगले चार साल में बंगाल भारत में सबसे तेज ग्रोथ करने वाले राज्यों में शामिल हो जाता है, तो इससे राज्य का आत्मविश्वास वापस लौटेगा।
उन्होंने ग्रोथ को सिर्फ आर्थिक आंकड़ों तक सीमित नहीं बताया, बल्कि इसे बंगाल की पहचान और भरोसा लौटाने का जरिया बताया। सरकार का मानना है कि मजबूत आर्थिक प्रदर्शन से राज्य में निवेशकों का भरोसा बढ़ सकता है।
वेलफेयर से आगे बढ़कर वेल्थ क्रिएशन पर फोकस
वित्त मंत्री ने राज्य के सामने मौजूद चुनौतियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बंगाल को वेलफेयर योजनाओं और आर्थिक विकास के बीच संतुलन बनाना होगा।
उन्होंने ज्यादा टैक्स को सही तरीका नहीं बताया और कहा कि नियमों के पालन से राजस्व बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए। साथ ही उन्होंने राज्य को ज्यादा निवेश के लिए अनुकूल बनाने की जरूरत पर जोर दिया।
वैल्यू चेन में आगे बढ़ने की जरूरत
वित्त मंत्री ने कहा कि बंगाल को सिर्फ छोटे या सीमित क्षेत्रों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसे वैल्यू चेन में ऊपर जाना होगा।
उन्होंने मैन्युफैक्चरिंग, निवेश और उद्योगों के विस्तार को आर्थिक मजबूती के लिए जरूरी बताया। सरकार का मानना है कि इससे राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
निवेश के नक्शे पर नई पहचान बनाने की कोशिश
बंगाल सरकार अब राज्य को देश की आर्थिक ग्रोथ में अहम भूमिका निभाने वाले प्रदेश के रूप में पेश करना चाहती है। बिजनेस विरासत और भविष्य की ग्रोथ को जोड़ते हुए सरकार उद्योग जगत को यह संदेश देना चाहती है कि बंगाल निवेश और कारोबार के लिए तैयार है।
हालांकि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए नीतियों के सही क्रियान्वयन और निवेश बढ़ाने की जरूरत होगी। लेकिन सरकार का संदेश साफ है कि बंगाल अपनी पुरानी बिजनेस पहचान को वापस पाना चाहता है।