NH-22 पर दौड़ेगी विकास की रफ्तार; फोर लेन सड़क से बिहार के उद्योग, व्यापार और यात्रियों को मिलेगा बड़ा फायदा

बिहार में सड़क कनेक्टिविटी को नई रफ्तार मिलने वाली है। केंद्र सरकार ने मुजफ्फरपुर-सितामढ़ी-सोनबरसा NH-22 को फोर लेन बनाने की मंजूरी दी है। 3590 करोड़ रुपये की इस परियोजना से नेपाल सीमा तक पहुंच आसान होगी और यातायात, व्यापार, कृषि सप्लाई चेन व क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलेगा।

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In Short

  • केंद्र ने मुजफ्फरपुर-सितामढ़ी-सोनबरसा NH-22 फोर लेन प्रोजेक्ट को दी मंजूरी
  • 82.578 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर पर खर्च होंगे 3590.73 करोड़ रुपये
  • परियोजना से नेपाल सीमा कनेक्टिविटी, व्यापार और कृषि सप्लाई चेन को मिलेगा फायदा

By Gaurav Kumar:

बिहार में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने मुजफ्फरपुर-सितामढ़ी-सोनबरसा सेक्शन को फोर लेन स्टैंडर्ड में अपग्रेड करने की मंजूरी दे दी है। इस प्रोजेक्ट पर 3590.73 करोड़ रुपये खर्च होंगे और इसे हाइब्रिड एन्युटी मोड यानी एचएएम के तहत बनाया जाएगा। यह सड़क परियोजना बिहार के कई महत्वपूर्ण इलाकों को बेहतर कनेक्टिविटी देगी और नेपाल सीमा तक आवाजाही आसान बनाएगी। इसी कड़ी में यह प्रोजेक्ट इलाके की सड़क व्यवस्था को बदलने वाला साबित होगा।

नेपाल बॉर्डर से जुड़ेगा बेहतर सड़क नेटवर्क

मुजफ्फरपुर-सितामढ़ी-सोनबरसा सेक्शन NH-22 का करीब 82.578 किलोमीटर लंबा हिस्सा है। यह कॉरिडोर सोनबरसा स्थित भारत-नेपाल बॉर्डर को मुजफ्फरपुर के NH-27 ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर से जोड़ेगा। इससे व्यापार, यात्री आवाजाही और माल ढुलाई को तेज रफ्तार मिलेगी।

इस प्रोजेक्ट से मुजफ्फरपुर, मक्सूदपुर, रुन्नी सैदपुर, ठुम्मा, डुमरा, भुतही और सोनबरसा जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में ट्रैफिक जाम की समस्या कम होने की उम्मीद है। बेहतर सड़क सुविधा से लोगों का सफर ज्यादा आसान और सुरक्षित होगा।

100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकेंगे वाहन

इस फोर लेन सड़क को 100 किलोमीटर प्रति घंटे की डिजाइन स्पीड के हिसाब से तैयार किया जाएगा। वहीं औसत यात्रा गति करीब 80 किलोमीटर प्रति घंटे रखने की योजना है। सड़क पर एट ग्रेड मीडियन ओपनिंग नहीं होगी, जिससे तेज और सुरक्षित सफर सुनिश्चित किया जा सकेगा।

इस परियोजना में सात बड़े ब्रिज बनाए जाएंगे, जिसमें बागमती नदी पर 340 मीटर लंबा प्रमुख ब्रिज भी शामिल है। इसके अलावा तीन रेलवे ओवर ब्रिज और दो फ्लाईओवर बनाए जाएंगे, जिनकी लंबाई 1170 मीटर और 270 मीटर होगी।

उद्योग और कृषि सप्लाई चेन को मिलेगा फायदा

यह प्रोजेक्ट पीएम गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान के तहत तैयार किया गया है। इसके जरिए बिहार के आर्थिक, सामाजिक और लॉजिस्टिक केंद्रों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे उद्योगों, रेलवे स्टेशनों और दूसरे महत्वपूर्ण स्थानों तक पहुंच आसान होगी।

बेहतर सड़क नेटवर्क से कृषि उत्पादों की सप्लाई चेन मजबूत होगी और सामान की आवाजाही में समय कम लगेगा। इसके अलावा बौद्ध सर्किट और ऐतिहासिक जानकी पुनौरा धाम मंदिर जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों तक पहुंच भी आसान होगी।

पांच आर्थिक नोड और दो लॉजिस्टिक केंद्र जुड़ेंगे

मुजफ्फरपुर-सितामढ़ी-सोनबरसा कॉरिडोर NH-31 और NH-122 जैसे मौजूदा मार्गों से जुड़कर बरौनी के औद्योगिक क्षेत्रों और गंगा किनारे के लॉजिस्टिक हब तक बेहतर पहुंच बनाएगा। इसके साथ ही भिठामोड़ लैंड पोर्ट के जरिए भारत-नेपाल के बीच यात्री और माल परिवहन को भी बढ़ावा मिलेगा।

इस सड़क परियोजना से पांच पीएम गति शक्ति आर्थिक नोड, चार सोशल नोड और दो लॉजिस्टिक नोड को फायदा मिलेगा। इससे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

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