Budget 2027: शेयर बाजार में लौटेंगे विदेशी निवेशक? LTCG टैक्स घटाने की तैयारी के बीच उठे बड़े सवाल

बजट 2027 से पहले शेयर बाजार के निवेशकों के लिए बड़ी राहत की उम्मीद जगी है। विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के बीच सरकार एलटीसीजी टैक्स में बदलाव पर विचार कर रही है। क्या टैक्स घटने से बाजार में फिर तेजी आएगी और विदेशी पैसा लौटेगा? जानिए क्या है पूरा मामला।

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In Short

  • बजट 2027 से पहले सरकार एलटीसीजी और एसटीटी टैक्स की समीक्षा कर रही है, निवेशकों को राहत मिलने की उम्मीद।
  • विदेशी निवेशकों ने 2026 में 23 अक्टूबर तक भारतीय शेयर बाजार से ₹3.07 लाख करोड़ निकाले।
  • एसबीआई रिसर्च ने शेयरों पर एलटीसीजी टैक्स खत्म करने और निवेश की अवधि दो से तीन साल करने का सुझाव दिया।

By Gaurav Kumar:

भारतीय शेयर बाजार से विदेशी निवेशकों का पैसा लगातार बाहर जा रहा है। बाजार में गिरावट और रुपये की कमजोरी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में बजट 2027 से पहले शेयरों पर लगने वाले टैक्स में राहत देने की चर्चा तेज हो गई है। अब सवाल है कि क्या टैक्स घटाने से विदेशी निवेशक वापस लौटेंगे या बाजार की परेशानी की वजह कुछ और है?

LTCG और STT टैक्स पर क्या है सरकार की तैयारी?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स और सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) की समीक्षा के लिए निवेशकों, मार्केट एक्सपर्ट्स और टैक्स विशेषज्ञों से बातचीत कर रही है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 13 अक्टूबर को कहा था कि इन टैक्स पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए। घरेलू और विदेशी निवेशक भी लगातार यह मुद्दा उठा रहे हैं। हालांकि, सरकार ने अभी किसी कटौती की घोषणा नहीं की है।

विदेशी निवेशकों ने निकाले ₹3.07 लाख करोड़

ग्रांट थॉर्नटन भारत के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर चिंतन हेफा के मुताबिक, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने 2026 में 23 अक्टूबर तक भारतीय शेयर बाजार से ₹3.07 लाख करोड़ निकाल लिए हैं।

26 अक्टूबर तक निफ्टी 50 इस साल 13.1% गिर चुका था। दूसरी तरफ ताइवान का बाजार 59%, दक्षिण कोरिया का कोस्पी 29.8%, जापान का निक्केई 23.5% और अमेरिका का एसएंडपी 500 इंडेक्स 11.4% चढ़ा।

प्रतीकात्मक तस्वीर

रुपया भी डॉलर के मुकाबले 5.58% कमजोर हुआ है। बैंक ऑफ बड़ौदा के चीफ इकोनॉमिस्ट मदन सबनवीस के मुताबिक, विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बाजार और रुपये पर दबाव पड़ा है।

कितना लगता है टैक्स और क्या है SBI का सुझाव?

अभी शेयरों और इक्विटी म्यूचुअल फंड से एक साल बाद होने वाले सालाना ₹1.25 लाख से ज्यादा के योग्य मुनाफे पर 12.5% LTCG टैक्स लगता है। तय शेयर सौदों में शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स 20% है। इसके अलावा STT भी देना पड़ता है।

एसबीआई रिसर्च ने इक्विटी पर LTCG टैक्स खत्म करने और लॉन्ग टर्म निवेश की अवधि एक साल से बढ़ाकर दो या तीन साल करने का सुझाव दिया है।

एसबीआई रिसर्च के मुताबिक, 2021 से सितंबर 2026 के बीच विदेशी निवेशकों ने कुल ₹3.51 लाख करोड़ निकाले। इस दौरान 2023 ही ऐसा साल था, जब यह रुझान अलग रहा।

क्या टैक्स घटाने से वापस आएगा विदेशी पैसा?

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सिर्फ टैक्स घटाना काफी नहीं होगा। निफ्टी का प्राइस टू अर्निंग (PE) रेशियो 2025 के आखिर के 24.45 से घटकर 20.4 हुआ है, जबकि जापान में यह 19.9 है।

अमेरिका में ज्यादा बॉन्ड यील्ड और ताइवान-दक्षिण कोरिया में एआई से जुड़ी तेजी भी विदेशी निवेशकों को आकर्षित कर रही है। कंपनियों की कमाई, महंगाई और रुपये की चाल भी अहम रहेंगी।

सरकार के सामने टैक्स कमाई बचाने की चुनौती है। वित्त वर्ष 2025 में LTCG कलेक्शन ₹72,249 करोड़ से बढ़कर ₹1.29 लाख करोड़ हुआ। वहीं वित्त वर्ष 2026 में STT से ₹57,522 करोड़ मिले।

ऐसे में बजट 2027 में टैक्स दरों और निवेश की अवधि की समीक्षा हो सकती है। हालांकि, विदेशी निवेशकों की वापसी के लिए टैक्स राहत के साथ बाजार में बेहतर रिटर्न और कंपनियों की मजबूत कमाई भी जरूरी होगी।

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