बेंगलुरु बना भारत का 'स्टार्टअप हब', युवा फाउंडर्स के मामले में मुंबई भी रह गया पीछे
Avendus Wealth–Hurun India U30 List 2026 के अनुसार, बेंगलुरु 30 वर्ष या उससे कम उम्र के सबसे अधिक स्टार्टअप फाउंडर्स वाला भारत का नंबर-1 शहर बन गया है। AI, DeepTech, स्पेस टेक और इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर में तेजी से बढ़ते स्टार्टअप्स ने शहर को नई पहचान दिलाई है।

बेंगलुरु अब मुंबई को पीछे छोड़कर भारत का सबसे बड़ा हब बन गया है, जहां 30 साल या उससे कम उम्र के सबसे ज्यादा युवा स्टार्टअप शुरू करने वाले लोग हैं। यह बदलाव दिखाता है कि भारत में स्टार्टअप की दुनिया तेजी से नई दिशा में जा रही है, खासकर AI, स्पेस टेक और इलेक्ट्रिक व्हीकल जैसे सेक्टर में।
Avendus Wealth–Hurun India U30 List 2026 के मुताबिक, इस साल बेंगलुरु में 21 युवा स्टार्टअप ओनर्स हैं, जो पिछले साल (2025) के सिर्फ 7 से काफी ज्यादा है। मुंबई, जो पिछले साल पहले नंबर पर था, अब 16 स्टार्टअप ओनर्स के साथ दूसरे स्थान पर आ गया है। गुरुग्राम 12 स्टार्टअप ओनर्स के साथ तीसरे नंबर पर है, जबकि नई दिल्ली 10 के साथ चौथे स्थान पर है। इसके बाद हैदराबाद और कोलकाता 5-5 स्टार्टअप ओनर्सके साथ टॉप 5 में शामिल हैं।
राज्य स्तर पर भी हुए बदलाव
राज्यों की बात करें तो कर्नाटक अब सबसे आगे है, जहां 22 युवा स्टार्टअप ओनर्स हैं। इसके बाद महाराष्ट्र में 18 और हरियाणा में 13 स्टार्टअप ओनर्स हैं। यह दिखाता है कि कर्नाटक अब देश का सबसे बड़ा इनोवेशन हब बनता जा रहा है, जहां अच्छे इंजीनियर, स्टार्टअप माहौल और निवेश (VC) आसानी से मिलते हैं।
क्या है U30 लिस्ट?
इस लिस्ट में 102 ऐसे स्टार्टअप ओनर्स को शामिल किया गया है जिनकी उम्र 30 साल या उससे कम है। इनमें वे लोग शामिल हैं जिन्होंने ऐसी कंपनियां बनाई हैं जिनकी वैल्यू कम से कम 25 मिलियन डॉलर है, या जो बड़े फैमिली बिजनेस में अगली पीढ़ी के लीडर हैं जिनकी वैल्यू 50 मिलियन डॉलर से ज्यादा है। इस साल लिस्ट 28% बढ़ी है और कुल कंपनियों की वैल्यू करीब ₹2.9 लाख करोड़ पहुंच गई है। इन स्टार्टअप ओनर्स की औसत उम्र 28 साल है।
रिपोर्ट यह भी बताती है कि अब स्टार्टअप सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं हैं। इस लिस्ट में 40 स्टार्टअप ओनर्स ऐसे हैं जो छोटे शहरों और नॉन-मेट्रो जगहों से आते हैं। इसका मतलब है कि अब भारत में स्टार्टअप की सोच पूरे देश में फैल रही है।
कौन से सेक्टर सबसे आगे हैं?
युवा स्टार्टअप ओनर्स में सबसे ज्यादा फोकस DeepTech और HardTech पर है। लगभग हर 4 में से 1 फाउंडर इसी सेक्टर से है। इसमें AI, मशीन लर्निंग, इलेक्ट्रिक व्हीकल, स्पेस टेक और साइबर सिक्योरिटी जैसे क्षेत्र शामिल हैं। AI और मशीन लर्निंग में 8 फाउंडर हैं, जबकि स्पेस टेक में Pixxel, Digantara और Apolink जैसी कंपनियों के 6 फाउंडर शामिल हैं।
रिपोर्ट के अनुसार 84% स्टार्टअप ओनर्स पहली बार अपना बिजनेस शुरू कर रहे हैं, यानी ये पूरी तरह नए और खुद से बने (self-made) फाउंडर हैं। इसके अलावा शुरुआती स्टेज (seed stage) कंपनियां भी बढ़कर 13 हो गई हैं, जो पिछले साल सिर्फ 5 थीं।
फंडिंग और रोजगार
इस लिस्ट की टॉप 10 कंपनियों ने मिलकर 3.5 अरब डॉलर से ज्यादा की फंडिंग जुटाई है। इसमें सबसे बड़ी कंपनी Zepto है, जिसने अकेले 2.3 अरब डॉलर जुटाए हैं। BharatPe ने 650 मिलियन डॉलर की फंडिंग ली है। इन कंपनियों ने मिलकर 75,000 से ज्यादा लोगों को रोजगार भी दिया है। इससे साफ है कि भारत के युवा स्टार्टअप ओनर्स अब देश की अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान दे रहे हैं।