बेंगलुरु के इन इलाकों में बढ़ सकती है प्रॉपर्टी की मांग, सरकार ने बनाया विस्तार का प्लान
बेंगलुरु के बाहरी इलाकों की तस्वीर आने वाले वर्षों में बदल सकती है। सरकार रोजगार, घर और कनेक्टिविटी को एक साथ बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है। नए औद्योगिक टाउनशिप से लेकर मेट्रो, RRTS और लाखों घरों तक, यह प्लान रियल एस्टेट बाजार के लिए भी अहम साबित हो सकता है।

In Short
- बेंगलुरु के बाहरी इलाकों में 9 औद्योगिक टाउनशिप विकसित करने की योजना।
- 312 KM अतिरिक्त मेट्रो और करीब 270 KM RRTS नेटवर्क का प्रस्ताव।
- पूरे क्षेत्र में करीब 6 लाख से 6.5 लाख नए घर बनाने की तैयारी।
बेंगलुरु की पहचान लंबे समय से आईटी और रोजगार के बड़े केंद्र के तौर पर रही है। अब आने वाले वर्षों में शहर का विस्तार मौजूदा शहरी इलाकों से बाहर भी तेजी से हो सकता है। कर्नाटक सरकार अगले 10 से 15 साल के लिए ऐसी योजना पर काम कर रही है, जिसमें बेंगलुरु महानगरीय क्षेत्र यानी BMR के बाहरी इलाकों में रोजगार, आवास और परिवहन सुविधाओं को एक साथ विकसित करने की तैयारी है।
इस योजना में 9 औद्योगिक टाउनशिप, 312 किलोमीटर अतिरिक्त मेट्रो नेटवर्क, 210 किलोमीटर लंबी रिंग रोड और करीब 270 किलोमीटर के प्रस्तावित RRTS नेटवर्क को शामिल किया गया है। इसके साथ करीब 6 लाख से 6.5 लाख नए घर बनाने की भी योजना है।
मेट्रो और RRTS नेटवर्क का होगा विस्तार
प्रस्तावित करीब 270 किलोमीटर का RRTS नेटवर्क बेंगलुरु को आसपास के प्रमुख शहरों और क्षेत्रों से जोड़ने की दिशा में अहम माना जा रहा है। वहीं, 2037 तक मेट्रो नेटवर्क में 312 किलोमीटर का अतिरिक्त विस्तार प्रस्तावित है।
इसके अलावा करीब 72 किलोमीटर अतिरिक्त उपनगरीय रेल कनेक्टिविटी की भी योजना है। सरकार 210 किलोमीटर लंबी रिंग रोड के जरिए 10 नए हब को जोड़ने की दिशा में काम कर रही है। फेज-2 के पेरीफेरल रिंग रोड को NICE Road से जोड़ने का प्रस्ताव भी है।
9 औद्योगिक टाउनशिप की तैयारी
बेंगलुरु के बाहरी क्षेत्रों में 9 एकीकृत औद्योगिक टाउनशिप बनाने की योजना है। इन परियोजनाओं के लिए करीब 13,500 एकड़ जमीन चिन्हित की गई है। इसमें लगभग 7,900 एकड़ जमीन का अधिग्रहण हो चुका है, जबकि करीब 5,600 एकड़ जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है।
इन टाउनशिप का मकसद नए औद्योगिक केंद्र और रोजगार के अवसरों को सिर्फ शहर के मौजूदा हिस्सों तक सीमित रखने के बजाय बाहरी क्षेत्रों तक पहुंचाना है।
6 से 6.5 लाख नए घरों का प्लान
मैजिकब्रिक्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार पूरे क्षेत्र में करीब 6 लाख से 6.5 लाख घरों की योजना तैयार कर रही है। इनमें करीब 40,000 से 50,000 घर औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए प्रस्तावित हैं।
खास बात यह है कि आवासीय योजना को औद्योगिक और परिवहन विकास के साथ जोड़ा जा रहा है। यानी जहां नए रोजगार केंद्र बनेंगे, वहां आसपास आवास की जरूरत को भी पूरा करने की कोशिश होगी।
बाहरी इलाकों में बढ़ सकती है प्रॉपर्टी की मांग
अगर प्रस्तावित औद्योगिक टाउनशिप और परिवहन परियोजनाएं आगे बढ़ती हैं, तो BMR के कुछ बाहरी इलाके भविष्य में नए आवासीय और व्यावसायिक केंद्र बन सकते हैं। रोजगार बढ़ने के साथ आसपास घरों, दुकानों, कार्यालयों और दूसरी सुविधाओं की मांग भी बढ़ सकती है।
हालांकि, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि किन इलाकों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा, क्योंकि टाउनशिप के सटीक स्थान और परियोजनाओं की समयसीमा अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।