महीने में 2 बार सैलरी दे कंपनियां! Shaadi.com के फाउंडर अनुपम मित्तल ने क्यों दी ये सलाह?

अनुपम का कहना है कि सैलरी में देरी कर्मचारियों की रोजमर्रा की फाइनेंशियल कंडीशन पर सीधा असर डाल सकती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि एक हफ्ते की देरी से सैलरी मिलने पर किसी का EMI चूक सकती है, किराया देने में दिक्कत हो सकती है या आधे दिन का काम बर्बाद हो सकता है। उनके अनुसार कैश फ्लो ही गरिमा है।

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By Gaurav Kumar:

Shaadi.com के फाउंडर अनुपम मित्तल ने कंपनियों से कहा है कि वे अपने कर्मचारियों को सही समय पर और महीने में दो बार सैलरी देना शुरू करें। उनका मानना है कि ज्यादातर कंपनियां छुट्टियां, फ्री खाना और वर्क फ्रॉम होम जैसी सुविधाएं देती हैं लेकिन सबसे जरूरी चीज है सैलरी समय पर मिलना। 

मित्तल ने LinkedIn पर पोस्ट पर कहा कि अक्सर कंपनियां यह चीज नजरअंदाज कर देती हैं और ज्यादातर कंपनियां सैलरी 1 या 7 तारीख को देती हैं। साथ ही अगर वह दिन वीकेंड होता है तो 2-4 दिन और  इंतजार करना पड़ जाता है। Shaadi.com ने कुछ साल पहले यह नियम बदलकर सैलरी उसी महीने के लास्ट में क्रेडिट करना शुरू कर दिया है।

अनुपम का कहना है कि सैलरी में देरी कर्मचारियों की रोजमर्रा की फाइनेंशियल कंडीशन पर सीधा असर डाल सकती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि एक हफ्ते की देरी से सैलरी मिलने पर किसी का EMI चूक सकती है, किराया देने में दिक्कत हो सकती है या आधे दिन का काम बर्बाद हो सकता है। उनके अनुसार कैश फ्लो ही गरिमा है।

महीने में दो बार दें सैलरी

उन्होंने आगे सुझाव दिया कि कंपनियों को महीने में दो बार सैलरी देनी चाहिए। 15 और 30 तारीख को। इससे कर्मचारियों का फाइनेंशियल स्ट्रेस कम होगा वे कर्ज के जाल से बचेंगे और अर्थव्यवस्था में खर्च बढ़ेगा। ऐसा करके से बेहतर रिजल्ट भी देखने को मिलेंगे।

वह आगे कहते हैं कि अगर सभी कंपनियां ऐसा करेंगी तो इससे काफी बेहतर परिणाम निकलकर आएंगे। साथ ही कर्मचारियों का भरोसा और मनोबल भी मजबूत होगा।

अनुपम मित्तल ने कहा कि इससे कंपनियों और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए जीत साबित होगी। मित्तल कहते है कि अपने HR को प्रोत्साहित करें और ब्रिटिश युग का अगले महीने का वेतन प्रोसेस खत्म हो और कंपनियां समय पर और अधिक बार वेतन देने पर ध्यान दें।

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