एल नीनो के बावजूद आंध्र प्रदेश की ग्रोथ 10.7 फीसदी, अब 15 फीसदी टारगेट पर नायडू का फोकस

एल नीनो, कम बारिश और गिरते ग्राउंडवॉटर लेवल के बावजूद आंध्र प्रदेश की इकोनॉमी ने मजबूत रफ्तार दिखाई है। दूसरी तिमाही में 10.7 फीसदी ग्रोथ दर्ज हुई, जबकि एग्रीकल्चर सबसे तेज बढ़ा। अब मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने 15 फीसदी ग्रोथ टारगेट हासिल करने के लिए नए प्लान बनाने को कहा है।

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In Short

  • दूसरी तिमाही में आंध्र प्रदेश की आर्थिक ग्रोथ 10.7 फीसदी रही
  • एग्रीकल्चर सेक्टर ने सबसे ज्यादा 13.5 फीसदी ग्रोथ दर्ज की
  • सरकार ने 15 फीसदी ग्रोथ टारगेट के लिए कॉम्प्रिहेंसिव प्लान बनाने को कहा

By Gaurav Kumar:

आंध्र प्रदेश की इकोनॉमी ने मुश्किल मौसम के बावजूद मजबूत प्रदर्शन किया है। एल नीनो के असर, कम बारिश, जलाशयों में पानी की कमी और गिरते ग्राउंडवॉटर लेवल जैसी चुनौतियों के बीच भी राज्य की आर्थिक ग्रोथ तेज रही। एग्रीकल्चर, इंडस्ट्री और सर्विसेज तीनों सेक्टर ने इसमें अहम भूमिका निभाई है। अब सरकार का फोकस इस रफ्तार को बनाए रखते हुए 15 फीसदी ग्रोथ टारगेट हासिल करने पर है।

दूसरी तिमाही में 10.7 फीसदी रही आर्थिक ग्रोथ

प्लानिंग डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने जुलाई 2026 की मंथली इकोनॉमिक रिपोर्ट मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू के सामने पेश की। रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में आंध्र प्रदेश ने 10.7 फीसदी इकोनॉमिक ग्रोथ दर्ज की। एल नीनो के असर के बावजूद यह बढ़ोतरी दर्ज की गई।

एग्रीकल्चर सेक्टर ने दिखाई सबसे तेज रफ्तार

राज्य में सबसे ज्यादा 13.5 फीसदी ग्रोथ एग्रीकल्चर सेक्टर में दर्ज की गई। इसके बाद इंडस्ट्री सेक्टर ने 10.6 फीसदी और सर्विसेज सेक्टर ने 9.9 फीसदी की ग्रोथ दर्ज की। सरकार के मुताबिक, इन तीनों सेक्टर के प्रदर्शन से राज्य की पूरी इकोनॉमी को मजबूती मिली है।

रियल जीएसडीपी ग्रोथ बढ़कर 9.9 फीसदी पहुंची

सरकारी रिलीज के मुताबिक, राज्य की रियल ग्रॉस स्टेट डोमेस्टिक प्रोडक्ट यानी जीएसडीपी ग्रोथ रेट 2023-24 में 6.5 फीसदी थी। यह 2025-26 में बढ़कर 9.9 फीसदी हो गई। पिछले दो वर्षों से आंध्र प्रदेश की ग्रोथ रेट नेशनल ग्रोथ रेट से भी ज्यादा बनी हुई है।

15 फीसदी ग्रोथ टारगेट के लिए प्लान बनाने के निर्देश

मुख्यमंत्री नायडू ने अधिकारियों को एल नीनो की चुनौती के बावजूद राज्य का 15 फीसदी ग्रोथ टारगेट हासिल करने के लिए कॉम्प्रिहेंसिव प्लान तैयार करने को कहा। उन्होंने सभी सरकारी डिपार्टमेंट में टेक्नोलॉजी का बेहतर इस्तेमाल कर परफॉर्मेंस सुधारने के भी निर्देश दिए।

कम बारिश और पानी की कमी बनी चुनौती

नायडू ने कहा कि कम बारिश और कृष्णा नदी में पर्याप्त पानी नहीं आने से श्रीशैलम और नागार्जुन सागर के रिजर्वॉयर लेवल प्रभावित हुए हैं। इसके चलते राज्य ने कृष्णा डेल्टा की सिंचाई के लिए गोदावरी का बाढ़ का पानी डायवर्ट किया है। ग्राउंडवॉटर लेवल में भी गिरावट दर्ज की गई है।

आम लोगों पर न बढ़े कीमतों का बोझ

मुख्यमंत्री ने सभी डिपार्टमेंट को आपसी कोऑर्डिनेशन के साथ ऐसे कदम उठाने को कहा, जिससे इकोनॉमिक आउटपुट में गिरावट न आए। उन्होंने डेटा बेस्ड एनालिसिस, करेक्टिव मेजर्स और रिसोर्स मैनेजमेंट पर जोर दिया। साथ ही अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा कि आम लोगों पर कीमतों का कोई अतिरिक्त बोझ न पड़े। इसके लिए एक कमेटी बनाने का सुझाव भी दिया गया है।

पानी से लेकर एक्सपोर्ट तक बनेगा कंटिंजेंसी प्लान

नायडू ने पानी की उपलब्धता, एग्रीकल्चरल वैल्यू एडिशन और दूसरे जरूरी क्षेत्रों के लिए कंटिंजेंसी प्लान तैयार करने को कहा। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि इंटरनेशनल मार्केट में होने वाले एक्सपोर्ट पर कोई बुरा असर न पड़े। मॉनिटरिंग के लिए जिला, विधानसभा क्षेत्र और मंडल स्तर पर अलग-अलग रिपोर्ट तैयार करने को भी कहा गया है।

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