फर्जी उत्पादों के खिलाफ Amazon की बड़ी तैयारी, भारत में उतारी Counterfeit Crimes Unit की टीम

ऑनलाइन मार्केटप्लेस पर नकली उत्पादों की समस्या से निपटने के लिए Amazon ने भारत में अपनी Counterfeit Crimes Unit का विस्तार किया है। कंपनी ने दिल्ली में तीन सदस्यों की टीम बनाई है, जो जांच एजेंसियों और ब्रांड्स के साथ मिलकर नकली सामान बेचने वालों के खिलाफ सिविल और क्रिमिनल कार्रवाई करेगी।

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नकली सामान पर Amazon का शिकंजा
नकली सामान पर Amazon का शिकंजा

In Short

  • Amazon ने भारत में नकली उत्पादों के खिलाफ 3 सदस्यों वाली Counterfeit Crimes Unit शुरू की।
  • टीम CBI, Customs और ब्रांड्स के साथ मिलकर नकली सामान बेचने वालों पर कार्रवाई करेगी।
  • Amazon AI और ऑटोमेटेड सिस्टम से हर दिन अरबों लिस्टिंग की निगरानी करता है।

By Shakshi:

भारत में नकली उत्पादों की समस्या से निपटने के लिए Amazon ने अपनी रणनीति बदल दी है। अब तक कंपनी फर्जी सामान की पहचान के लिए ज्यादा इस्तेमाल ऑटोमेटेड सिस्टम, सेलर चेक और ब्रांड शिकायतों का करती थी, लेकिन अब उसने जमीन पर टीम उतारने का फैसला किया है।

Amazon ने भारत में अपनी ग्लोबल Counterfeit Crimes Unit (CCU) का विस्तार किया है। कंपनी ने इस साल की शुरुआत में नई दिल्ली में तीन सदस्यों की टीम बनाई है। इस टीम में एक सीनियर कॉरपोरेट काउंसल और दो रिस्क मैनेजर शामिल हैं। यह टीम CBI, भारतीय कस्टम्स, ब्रांड्स और अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर नकली सामान बेचने वालों के खिलाफ सिविल और क्रिमिनल कार्रवाई करेगी।

AI से निगरानी के बाद अब ग्राउंड एक्शन पर जोर

Amazon की Counterfeit Crimes Unit की शुरुआत जून 2020 में हुई थी। कंपनी के मुताबिक, यह यूनिट दुनियाभर में अब तक 32,000 से ज्यादा कथित नकली उत्पाद बेचने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर चुकी है। वहीं, 2025 में कंपनी ने दुनिया भर में 1.5 करोड़ से ज्यादा नकली उत्पादों की पहचान कर उन्हें जब्त या नष्ट किया।

Amazon के ग्लोबल Counterfeit Crimes Unit के डायरेक्टर केभरू स्मिथ ने कहा कि भारत अब केवल एक बड़ा बाजार नहीं है, बल्कि मैन्युफैक्चरिंग और ग्लोबल एक्सपोर्ट का भी महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है। ऐसे में नकली उत्पादों के खिलाफ कार्रवाई जरूरी है।

कंपनी का कहना है कि AI और ऑटोमेटेड सिस्टम उसकी पहली सुरक्षा दीवार हैं। Amazon हर दिन अरबों प्रोडक्ट लिस्टिंग को स्कैन करता है और 99 फीसदी से ज्यादा नकली लिस्टिंग को ब्रांड शिकायत दर्ज करने से पहले ही हटा दिया जाता है।

छोटे कारोबारियों और MSME ब्रांड्स पर भी रहेगा फोकस

भारत में Amazon के लिए चुनौती केवल बड़े ब्रांड्स को सुरक्षित रखना नहीं है। देश में हजारों छोटे और स्थानीय विक्रेता भी ऑनलाइन कारोबार करते हैं। कंपनी का कहना है कि उसकी कार्रवाई का उद्देश्य ईमानदार सेलर्स, महिला उद्यमियों और MSME ब्रांड्स को भी सुरक्षा देना है।

Amazon की टीम दिल्ली और मुंबई के अलावा छोटे शहरों में भी एजेंसियों और ब्रांड्स के साथ काम करेगी। कंपनी का मानना है कि नकली सामान की समस्या से निपटने के लिए सिर्फ ई-कॉमर्स कंपनियां या कानून प्रवर्तन एजेंसियां अकेले काम नहीं कर सकतीं। इसके लिए डेटा शेयरिंग, साझेदारी और संयुक्त कार्रवाई जरूरी है।

त्योहारी सीजन से पहले Amazon की यह नई व्यवस्था बड़ी परीक्षा से गुजरेगी, क्योंकि इस दौरान ऑनलाइन खरीदारी और लेनदेन तेजी से बढ़ जाते हैं। ऐसे समय में ग्राहकों के लिए असली और नकली उत्पादों में अंतर करना और भी मुश्किल हो सकता है।

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