800 इंजनों के बाद अब मधेपुरा प्लांट की नई उड़ान, Alstom के लोकोमोटिव ऑर्डर पर टिकी निगाहें
फ्रांस की कंपनी Alstom भारतीय रेलवे से 200 और इलेक्ट्रिक मालगाड़ी इंजनों के ऑर्डर की उम्मीद कर रही है। बिहार के मधेपुरा प्लांट से इन इंजनों की सप्लाई की जाएगी। कंपनी मौजूदा 800 इंजनों के कॉन्ट्रैक्ट के बाद नए ऑर्डर और लोकल मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने पर काम कर रही है।

In Short
- Alstom भारतीय रेलवे से 200 और इलेक्ट्रिक फ्रेट लोकोमोटिव के ऑर्डर की उम्मीद में
- मधेपुरा प्लांट में 800 इंजनों का मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट मार्च 2028 तक पूरा होगा
- कंपनी इंजन के पार्ट्स की लोकल सोर्सिंग बढ़ाने पर कर रही काम
फ्रांस की ट्रेन बनाने वाली कंपनी Alstom भारतीय रेलवे से 200 और इलेक्ट्रिक मालगाड़ी इंजन बनाने का ऑर्डर लेने की तैयारी में है। कंपनी बिहार के मधेपुरा में बने अपने प्लांट से इन इंजनों की सप्लाई करना चाहती है।
बिजनेस टुडे ने पीटीआई के हवाले से बताया कि Madhepura Electric Locomotive Pvt Ltd (MELPL) के मैनेजिंग डायरेक्टर विवेक गर्ग ने कहा है कि कंपनी मौजूदा 800 इंजनों के ऑर्डर को पूरा करने के बाद भारतीय रेलवे से नए ऑर्डर को लेकर बातचीत कर रही है। मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट मार्च 2028 तक पूरा होने की उम्मीद है।
इंजन के ज्यादातर पार्ट्स भारत में बन रहे
विवेक गर्ग के मुताबिक, इन इंजनों के करीब 90 प्रतिशत हिस्से भारत से ही लिए जा रहे हैं। हालांकि, इनके पहिए और एक्सल अभी भी बाहर से मंगाए जाते हैं।
कंपनी पहियों की लोकल सप्लाई के लिए रामकृष्ण फोर्जिंग्स से बातचीत कर रही है। हालांकि, यह तभी आगे बढ़ेगा जब भारतीय रेलवे की तरफ से अतिरिक्त इंजन बनाने का ऑर्डर मिलेगा।
MELPL की टीम देश में बन रही नई व्हील मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स से भी संपर्क में है ताकि इंजन के ज्यादा से ज्यादा हिस्से भारत में तैयार किए जा सकें। कंपनी का कहना है कि 200 नए इंजनों का ऑर्डर मिलने से सप्लायर्स को भी फायदा होगा।
पुराने इंजनों की देखभाल से भी बढ़ेगा काम
कंपनी के पास पहले से चल रहे इंजनों की देखभाल यानी मेंटेनेंस का काम भी है। विवेक गर्ग ने कहा कि इस्तेमाल के दौरान इंजन के पहिए और एक्सल खराब होते हैं और उन्हें बदलना पड़ता है। इससे आगे भी इस तरह का काम जारी रहेगा और मैन्युफैक्चरर्स को इसका फायदा मिल सकता है।
मधेपुरा प्लांट में नई टेक्नोलॉजी की संभावना
MELPL की शुरुआत साल 2015 में Alstom और भारतीय रेलवे के बीच साझेदारी के रूप में हुई थी। यह कंपनी 12,000 हॉर्सपावर वाले इलेक्ट्रिक मालगाड़ी इंजनों का निर्माण और रखरखाव करती है।
विवेक गर्ग ने बताया कि मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट के तहत अगर भारतीय रेलवे इंजन में किसी तरह का बदलाव चाहता है तो उसे शामिल किया जा सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि मधेपुरा प्लांट में हाइड्रोजन ट्रेन और बैटरी टेक्नोलॉजी से जुड़े काम की भी संभावनाएं हैं। Alstom हाइड्रोजन और बैटरी टेक्नोलॉजी में काम करने वाली प्रमुख कंपनियों में शामिल है।