एयर टिकट रिफंड पर क्यों बढ़ी शिकायतें? 2025 के आंकड़ों ने खड़े किए कई सवाल
साल 2025 में एयर टिकट रिफंड को लेकर शिकायतों में अचानक बड़ा उछाल दर्ज हुआ। क्या इसके पीछे दिसंबर में हुआ इंडिगो का ऑपरेशनल फियास्को था या एयरलाइंस की रिफंड व्यवस्था में कोई बड़ी कमी? आंकड़ों और सरकार के नए कदमों की पूरी जानकारी के लिए पढ़ें यह खबर।

In Short
- 2025 में एयर टिकट रिफंड से जुड़ी 4,386 शिकायतें दर्ज हुईं, जो 2024 के मुकाबले 233% ज्यादा हैं।
- दिसंबर 2025 में इंडिगो की 5,000 से ज्यादा फ्लाइट सिर्फ तीन से चार दिनों में कैंसिल हुईं।
- शिकायतें जल्दी सुलझाने के लिए 24×7 पैसेंजर असिस्टेंस कंट्रोल रूम शुरू किया गया।
फ्लाइट रद्द होने के बाद टिकट का पैसा वापस मिलना आसान लग सकता है, लेकिन कई लोगों को इसके लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। कभी रिफंड अटक जाता है तो कभी एयरलाइन से सही जवाब नहीं मिलता। इसी वजह से एयर टिकट रिफंड अब पैसेंजर्स की बड़ी परेशानी बनता जा रहा है। आखिर पिछले चार साल में सबसे ज्यादा शिकायतें कब और कितनी दर्ज हुईं?
चार साल में सबसे ज्यादा शिकायतें
मिनिस्ट्री ऑफ सिविल एविएशन के डेटा के मुताबिक, 2025 में एयरलाइंस के खिलाफ रिफंड से जुड़ी 4,386 शिकायतें दर्ज की गईं। यह संख्या 2024 के मुकाबले 233% ज्यादा है। साल 2024 में ऐसी 1,315 शिकायतें सामने आई थीं।
इससे पहले 2023 में रिफंड से जुड़ी शिकायतों की संख्या 961 थी, जबकि 2022 में 1,508 शिकायतें दर्ज हुई थीं। यानी 2025 का आंकड़ा पिछले चार साल में सबसे ज्यादा रहा। यह डेटा एयरलाइंस की ओर से दी गई जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। लेकिन इतनी ज्यादा शिकायतों को जल्दी सुलझाने के लिए सरकार ने कौन-सा नया कंट्रोल रूम शुरू किया है?
ये खबर पढ़ना ना भूलें: Air India और Air India Express को लेकर है कन्फ्यूजन? जानें दोनों में क्या अंतर है
24 घंटे काम करेगा पैसेंजर कंट्रोल रूम
पैसेंजर्स की शिकायतें जल्दी सुलझाने के लिए मिनिस्ट्री ऑफ सिविल एविएशन ने एक परमानेंट 24×7 पैसेंजर असिस्टेंस कंट्रोल रूम बनाया है। इसे PACR कहा गया है।
इस कंट्रोल रूम में मिनिस्ट्री ऑफ सिविल एविएशन, डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन, एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया और एयरलाइंस मिलकर काम करेंगी। यहां फ्लाइट कैंसिल होने, बैगेज से जुड़ी परेशानी और रिफंड की शिकायतों पर रियल टाइम में नजर रखी जाएगी। इसका मकसद लोगों की शिकायतों को जल्दी सुलझाना और उनकी परेशानी कम करना है। लेकिन दिसंबर में इंडिगो का पूरा ऑपरेशन आखिर कैसे बिगड़ गया?
दिसंबर में इंडिगो का ऑपरेशन बिगड़ा
दिसंबर 2025 में इंडिगो का कामकाज बुरी तरह बिगड़ गया। इस दौरान खराब प्लानिंग, क्रू मैनेजमेंट में गड़बड़ी और दूसरी ऑपरेशनल दिक्कतें सामने आईं। DGCA के नए पायलट ड्यूटी नॉर्म्स लागू होने के बाद एयरलाइन का फ्लाइट शेड्यूल संभल नहीं पाया।
दिसंबर के पहले हफ्ते में हालात इतने खराब हो गए कि सिर्फ तीन से चार दिनों में 5,000 से ज्यादा फ्लाइट कैंसिल करनी पड़ीं। इतनी बड़ी संख्या में फ्लाइट रद्द होने से लोगों को रिफंड लेने, दूसरी फ्लाइट बुक करने और अपना ट्रैवल प्लान बदलने जैसी परेशानियां झेलनी पड़ीं। लेकिन हालात सुधारने के लिए इंडिगो को अपनी कैपेसिटी कितनी घटाने को कहा गया?
इंडिगो को 10% कैपेसिटी घटाने को कहा गया
हालात ठीक करने के लिए इंडिगो से अपनी फ्लाइट कैपेसिटी 10% कम करने और ज्यादा पायलट जोड़ने को कहा गया। ऐसा इसलिए किया गया, ताकि एयरलाइन का कामकाज फिर से सही तरीके से चल सके और फ्लाइट शेड्यूल को संभाला जा सके।
इस पूरे मामले का असर कंपनी के बड़े अधिकारियों पर भी पड़ा। इसके बाद पीटर एल्बर्स को इंडिगो के CEO पद से हटना पड़ा।