Air Purifier पर GST कम करने की मांग खारिज होने के संकेत, 5% या जीरो टैक्स की उम्मीदों को लग सकता है झटका

Air और Water Purifier पर जीएसटी कम होने की उम्मीद लगाए लोगों को झटका लग सकता है। टैक्स में राहत की मांग और इससे जुड़ी सिफारिशों के बीच जीएसटी Fitment Committee ने अपना रुख साफ किया है। जानिए 18% जीएसटी को बरकरार रखने के पीछे कमेटी ने क्या वजह बताई है।

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In Short

  • Air Purifier और उसके पार्ट्स पर अभी 18% जीएसटी लगता है
  • जीएसटी को घटाकर 5% या जीरो करने का प्रस्ताव कमेटी के सामने था
  • Water Purifier और उसके पार्ट्स पर भी 18% जीएसटी जारी रखने की सिफारिश

By Gungun Mishra:

एयर प्यूरीफायर और वॉटर प्यूरीफायर पर जीएसटी घटने की उम्मीद को झटका लग सकता है। जीएसटी फिटमेंट कमेटी ने एयर प्यूरीफायर और उसके पार्ट्स पर मौजूदा 18% जीएसटी में कोई बदलाव नहीं करने की सिफारिश की है। इसमें HEPA फिल्टर भी शामिल हैं। कमेटी की यह सिफारिश ऐसे समय आई है, जब एयर प्यूरीफायर पर टैक्स कम करने की मांग उठ रही है।

5% या जीरो GST का था प्रस्ताव

अभी एयर प्यूरीफायर पर 18% जीएसटी लगता है। कमेटी के सामने इसे घटाकर 5% करने या पूरी तरह खत्म करने का प्रस्ताव था। बढ़ते एयर पॉल्यूशन और खासकर गंभीर प्रदूषण का सामना करने वाले शहरों में एयर प्यूरीफायर के बढ़ते इस्तेमाल के बीच इस टैक्स को कम करने की मांग की जा रही थी।

दिल्ली हाई कोर्ट ने भी की थी टिप्पणी

कपिल मदान बनाम यूनियन ऑफ इंडिया मामले में HEPA फिल्टर वाले प्यूरीफायर को मेडिकल डिवाइस की कैटेगरी में रखने की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने भी एयर प्यूरीफायर पर जीएसटी कम किए जाने की बात कही थी।

इसके अलावा साइंस एंड टेक्नोलॉजी एनवायरनमेंट फॉरेस्ट्स एंड क्लाइमेट चेंज से जुड़ी संसदीय स्थायी समिति ने अपनी 401वीं रिपोर्ट में एयर प्यूरीफायर और HEPA फिल्टर पर जीएसटी कम करने या खत्म करने की सिफारिश की थी। समिति ने सवाल उठाया था कि एक तरफ सरकार एयर पॉल्यूशन से निपटने की कोशिश कर रही है, जबकि दूसरी तरफ इससे बचाव के लिए इस्तेमाल होने वाले उपकरणों पर 18% टैक्स लगाया जा रहा है।

जीएसटी घटाने में क्या है परेशानी?

फिटमेंट कमेटी ने टैक्स स्ट्रक्चर और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी चिंताओं का हवाला दिया है। कमेटी के मुताबिक जीएसटी को 5% करने पर इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर बन सकता है। इसकी वजह यह है कि मैन्युफैक्चरर्स ज्यादातर इनपुट पर 18% जीएसटी देंगे, जबकि तैयार प्रोडक्ट पर केवल 5% जीएसटी वसूलेंगे।

अगर जीएसटी को पूरी तरह खत्म किया जाता है तो मैन्युफैक्चरर्स इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा नहीं कर पाएंगे। इससे इनपुट पर दिया गया टैक्स एक्स-फैक्ट्री कीमत में शामिल हो सकता है।

HEPA फिल्टर का कई जगह होता है इस्तेमाल

कमेटी ने यह भी कहा कि HEPA फिल्टर सिर्फ घरों में इस्तेमाल होने वाले एयर प्यूरीफायर तक सीमित नहीं हैं। इनका इस्तेमाल HVAC सिस्टम, क्लीन रूम, लैबोरेटरी, हॉस्पिटल और इंडस्ट्रियल जगहों पर भी होता है। ऐसे में केवल घरेलू इस्तेमाल के लिए कम जीएसटी रखने से क्लासिफिकेशन और नियमों के पालन से जुड़ी दिक्कतें पैदा हो सकती हैं।

कमेटी ने यह आशंका भी जताई कि जीएसटी कम होने पर सस्ते इंपोर्टेड एयर प्यूरीफायर को घरेलू स्तर पर बने प्रोडक्ट्स के मुकाबले फायदा मिल सकता है।

वॉटर प्यूरीफायर पर भी 18% जीएसटी रखने की सिफारिश

फिटमेंट कमेटी ने वॉटर प्यूरीफायर और उसके इस्तेमाल होने वाले पार्ट्स पर भी 18% जीएसटी में बदलाव नहीं करने की सिफारिश की है। इनमें RO मेम्ब्रेन, फिल्टर कार्ट्रिज और फिल्टर हाउसिंग शामिल हैं।

इससे पहले 45वीं जीएसटी काउंसिल बैठक में घरेलू वॉटर प्यूरीफायर पर जीएसटी को 18% से घटाकर 12% करने के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया था, लेकिन उस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया गया था।

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