Air India के लिए राहत की खबर! Tata Sons और Singapore Airlines से ₹10,000 करोड़ की आर्थिक मदद
एयर इंडिया को अपने मालिक टाटा संस और सिंगापुर एयरलाइंस से करीब 100 अरब रुपये यानी 1.1 अरब डॉलर की वित्तीय मदद मिल सकती है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक यह रकम किस्तों में दी जाएगी और इसके लिए एयरलाइन को कुछ प्रदर्शन से जुड़े लक्ष्य पूरे करने होंगे।

In Short
- एयर इंडिया को टाटा संस और सिंगापुर एयरलाइंस से करीब 100 अरब रुपये की वित्तीय मदद मिल सकती है।
- ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक यह रकम प्रदर्शन से जुड़े कुछ लक्ष्य पूरे होने पर किस्तों में दी जाएगी।
- एयर इंडिया ने मार्च में खत्म वित्त वर्ष में रिकॉर्ड 220 अरब रुपये का घाटा दर्ज किया था।
एयर इंडिया को अपने कारोबार और वित्तीय स्थिति को संभालने के लिए जल्द बड़ी आर्थिक मदद मिल सकती है। एयरलाइन के मालिक टाटा संस और सिंगापुर एयरलाइंस करीब 100 अरब रुपये यानी लगभग 1.1 अरब डॉलर की वित्तीय सहायता देने के करीब हैं। यह मदद ऐसे समय में सामने आ रही है जब एयर इंडिया के लिए पिछला साल कई मोर्चों पर मुश्किल भरा रहा है।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, इस आर्थिक मदद का भुगतान एक साथ नहीं किया जाएगा। रकम अलग अलग किस्तों में दी जाएगी और इसके लिए कुछ प्रदर्शन से जुड़े लक्ष्य पूरे करना जरूरी होगा। रिपोर्ट के मुताबिक सहायता दोनों कंपनियों की एयर इंडिया में हिस्सेदारी के अनुपात में दी जाएगी।
टाटा संस की 74.9 फीसदी हिस्सेदारी
एयर इंडिया में टाटा संस की हिस्सेदारी 74.9 फीसदी है, जबकि बाकी हिस्सेदारी सिंगापुर एयरलाइंस के पास है। इसी अनुपात में दोनों कंपनियां एयरलाइन को वित्तीय मदद दे सकती हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक एयर इंडिया, टाटा संस और सिंगापुर एयरलाइंस ने इस मामले पर तुरंत कोई टिप्पणी नहीं की है।
मुश्किल भरे दौर से गुजर रही एयर इंडिया
एयर इंडिया के लिए पिछला समय कई चुनौतियों वाला रहा है। Boeing 787 Dreamliner के घातक हादसे का असर एयरलाइन पर लंबे समय तक रहा। इसके अलावा पाकिस्तान की ओर से भारतीय एयरलाइंस के लिए एयरस्पेस बंद किया जाना भी मुश्किल बढ़ाने वाला रहा।
मिडिल ईस्ट में संघर्ष के कारण भी हवाई यात्रा प्रभावित हुई और ईंधन की लागत बढ़ी। इन सभी कारणों का एयर इंडिया के कारोबार और खर्च पर असर पड़ा।
रिकॉर्ड 220 अरब रुपये का घाटा
एयर इंडिया ने मार्च में समाप्त वित्त वर्ष में रिकॉर्ड 220 अरब रुपये का घाटा दर्ज किया। रिपोर्ट में कहा गया है कि एयरलाइन पहले भी अपने मालिकों से कम से कम 100 अरब रुपये की आर्थिक मदद मांग रही थी।
Boeing 787 Dreamliner हादसे के बाद की स्थिति को संभालने में भी कई महीने लगे। इससे मैनेजमेंट का काफी समय गया, खर्च बढ़ा और एयरलाइन की सार्वजनिक छवि को भी नुकसान पहुंचा।
नए CEO के सामने बड़ी चुनौती
एयर इंडिया के CEO पद के लिए नामित Tewolde Gebremariam इस महीने के आखिर में आधिकारिक रूप से एयरलाइन से जुड़ेंगे। उनका फोकस एयर इंडिया के कार्गो बिजनेस को मजबूत करने और विमानों की मेंटेनेंस से जुड़ी समस्याओं को कम करने पर रहेगा।
रिपोर्ट के मुताबिक टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने भी एयर इंडिया के घाटे को लेकर कई बोर्ड बैठकों में चिंता जताई है। हालांकि टाटा संस और सिंगापुर एयरलाइंस की बहुल हिस्सेदार कंपनी Temasek अलग अलग यह कह चुकी हैं कि वे एयर इंडिया को अपना समर्थन जारी रखेंगी।