अडाणी ग्रुप को डेटा सेंटर विस्तार के लिए $800 मिलियन का विदेशी लोन, DBS-MUFG समेत कई बैंक बने कर्जदाता

ब्लूमबर्ग ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि मामले से जुड़े लोगों के मुताबिक, यह फंडिंग AdaniConneX Pvt. ने जुटाई है, जो EdgeConneX के साथ समूह का जॉइंट वेंचर है।

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By BT बाज़ार डेस्क:

अडाणी ग्रुप ने डेटा सेंटर कारोबार में विस्तार के लिए विदेशी कर्जदाताओं के ग्रुप से करीब $800 मिलियन का लोन लिया है। ब्लूमबर्ग ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि मामले से जुड़े लोगों के मुताबिक, यह फंडिंग AdaniConneX Pvt. ने जुटाई है, जो EdgeConneX के साथ समूह का जॉइंट वेंचर है।

DBS, MUFG समेत कई बैंक कर्जदाताओं में शामिल

AdaniConneX को यह 18 महीने की लोन सुविधा DBS Group Holdings, Mitsubishi UFJ Financial Group (MUFG) और Singapore के Clifford Capital समेत कई कर्जदाताओं से मिली है। लोन की ऑल-इन कॉस्ट Secured Overnight Financing Rate (SOFR) से करीब 200 बेसिस प्वाइंट ऊपर है।

इस फंडिंग में ING Bank, Intesa Sanpaolo और Natixis भी शामिल हैं। जुटाई गई रकम का इस्तेमाल मुख्य रूप से आंध्र प्रदेश में AdaniConneX के डेटा सेंटर प्रोजेक्ट को फंड करने में होगा। यह लोन ब्रिज फैसिलिटी के तौर पर तैयार किया गया है और बाद में इसे लंबी अवधि के कर्ज से रिफाइनेंस करने की उम्मीद है।

2024 के मुकाबले सस्ती हुई फंडिंग

AdaniConneX की नई उधारी की करीब 200 बेसिस प्वाइंट की कीमत 2024 में लिए गए छह साल के लोन की 250 बेसिस प्वाइंट लागत से कम है। यह अंतर विदेशी कर्जदाताओं के बीच कंपनी के लिए बेहतर फंडिंग शर्तों का संकेत देता है।

अमेरिकी कानूनी मामले के बाद बढ़ा भरोसा

यह फंडरेजिंग Adani Group के लिए ऐसे समय में हुई है, जब उसके अमेरिकी कानूनी विवाद से जुड़ी मुश्किलें कम हुई हैं। न्यूयॉर्क के एक अमेरिकी जिला जज ने सोमवार को संस्थापक गौतम अडानी और उनके भतीजे सागर अडानी के खिलाफ सिक्योरिटीज और वायर फ्रॉड के आरोप स्थायी रूप से खारिज कर दिए। इससे 2024 में शुरू हुआ मामला खत्म हो गया।

इन कानूनी अड़चनों के हटने से Adani Group की कंपनियों के लिए विदेशी कर्ज जुटाने का रास्ता आसान हुआ है। इससे वैश्विक पूंजी को भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में निवेश का मौका मिल रहा है।

2035 तक डेटा सेंटर और डिजिटल विस्तार पर $100 अरब का प्लान

Adani Group ने 2035 तक डेटा सेंटर और डिजिटल विस्तार में करीब $100 अरब निवेश करने की योजना बनाई है। समूह अपनी बड़ी ऊर्जा कारोबार क्षमता के आधार पर इस क्षेत्र में विस्तार कर रहा है। भारत में मजबूत घरेलू सेमीकंडक्टर बेस की कमी के बीच निवेशकों की नजर उन इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों पर है, जिन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती मांग से फायदा मिल सकता है।

Adani Group के प्रतिनिधि ने टिप्पणी के लिए भेजे गए ईमेल का जवाब नहीं दिया। Natixis और Intesa Sanpaolo ने भी ईमेल का जवाब नहीं दिया, जबकि ING Bank, DBS, MUFG और Clifford Capital ने टिप्पणी करने से इनकार किया।

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