कार के टायर कब बदलें? ये 5 संकेत दिखें तो बिल्कुल न करें नजरअंदाज
कार के टायर पूरी तरह घिसने का इंतजार करना सही नहीं है। उससे पहले भी वे कई संकेत देने लगते हैं कि अब उन्हें बदलने का समय आ गया है। कम ग्रिप, दरारें, असमान घिसावट और ज्यादा उम्र जैसे संकेत आपकी और परिवार की सुरक्षा के लिए बेहद अहम हैं।

In Short
- गीली सड़क पर ग्रिप कम होना या ब्रेकिंग कमजोर लगना टायर बदलने का संकेत हो सकता है।
- टायर पर दरार, उभार या असमान घिसावट दिखे तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
- 40,000-50,000 किलोमीटर चलने या 5-6 साल पुराने होने पर टायर की जांच जरूरी है।
When to Change Car Tyres: कार के टायर सिर्फ गाड़ी चलाने का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि सड़क पर आपकी सेफ्टी भी काफी हद तक इन्हीं पर निर्भर करती है। कई लोग टायर तब तक नहीं बदलते जब तक वे पूरी तरह घिस न जाएं। लेकिन टायर उससे पहले भी कई संकेत देने लगते हैं कि अब उन्हें बदलने का समय आ गया है। इन संकेतों को नजरअंदाज करने पर ब्रेकिंग कमजोर हो सकती है, गाड़ी का बैलेंस बिगड़ सकता है और हादसे का खतरा बढ़ सकता है।
गीली सड़क पर पकड़ कम होने लगे
अगर बारिश या गीली सड़क पर कार पहले के मुकाबले ज्यादा फिसलने लगे या ब्रेक लगाने पर पकड़ कमजोर महसूस हो, तो टायर की ग्रिप कम हो रही हो सकती है। टायर पर बने ट्रेड पैटर्न सड़क से पकड़ बनाने में मदद करते हैं। जैसे-जैसे ये घिसते हैं, पकड़ भी कम होती जाती है।
साइड वॉल पर दरार या उभार दिखे
समय के साथ टायर की रबर सख्त हो सकती है, खासकर तब जब गाड़ी ज्यादा समय धूप में खड़ी रहती है। अगर टायर की साइड वॉल पर दरारें, कट या उभार दिखाई देने लगें तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। ऐसे टायर कमजोर हो सकते हैं और तेज रफ्तार में फटने का खतरा बढ़ सकता है।
40,000 से 50,000 किलोमीटर के आसपास पहुंच जाए
आमतौर पर कार के टायर 40,000 से 50,000 किलोमीटर तक चल सकते हैं। हालांकि यह ड्राइविंग स्टाइल, सड़क की हालत और मेंटेनेंस पर निर्भर करता है। अगर आपकी कार इस दूरी के आसपास चल चुकी है, तो टायर की जांच जरूर करानी चाहिए, भले ही वे ऊपर से ठीक दिख रहे हों।
टायर एक तरफ से ज्यादा घिस रहा हो
अगर टायर एक साइड से ज्यादा घिस रहा है या बीच का हिस्सा ज्यादा पतला नजर आ रहा है, तो यह व्हील अलाइनमेंट की समस्या का संकेत हो सकता है। लंबे समय तक ऐसा रहने पर टायर बदलना सुरक्षित विकल्प हो सकता है।
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असमान घिसे टायर गाड़ी को एक तरफ खींच सकते हैं और माइलेज पर भी असर डाल सकते हैं।
टायर की उम्र 5 से 6 साल हो जाए
टायर की उम्र भी काफी मायने रखती है। आमतौर पर 5 से 6 साल पुराने टायरों को बदलने पर विचार करना चाहिए, चाहे गाड़ी ज्यादा चली हो या नहीं। टायर पर मौजूद मैन्युफैक्चरिंग डेट से उसकी उम्र पता की जा सकती है। पुराना टायर बाहर से ठीक दिखने के बावजूद अंदर से कमजोर हो सकता है।
इसलिए सिर्फ टायर के पूरी तरह घिसने का इंतजार करना सही नहीं है। ग्रिप, दरार, दूरी, असमान घिसावट और उम्र जैसे संकेतों पर नजर रखना जरूरी है ताकि समय रहते सही फैसला लिया जा सके।