Tesla को छोड़िए, इस भारतीय कंपनी की EV निकली सबसे ज्यादा एनर्जी एफ्फिसिएंट, महिंद्रा भी टॉप पर

International Council on Clean Transportation (ICCT) की लेटेस्ट रिपोर्ट के मुताबिक, टाटा मोटर्स प्रमुख ऑटो कंपनियों में सबसे ज्यादा एनर्जी एफिशिएंट (Energy Efficient) ईवी बेचने वाली कंपनी है। टाटा की इलेक्ट्रिक कारों की औसत टोटल एनर्जी खपत 106 Wh/km है।

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EV की रेस में Tata सबसे आगे, लेकिन चार्जिंग स्पीड में Tesla का दबदबा
ICCT की 2025 रिपोर्ट के आधार पर Tata Motors, Mahindra और Tesla की इलेक्ट्रिक कारों की एनर्जी एफिशिएंसी और चार्जिंग रफ्तार की तुलना।

In Short

  • Tata Motors 106 Wh/km की औसत ऊर्जा खपत के साथ EV Energy Efficiency में नंबर-1 रही।
  • Mahindra 113 Wh/km के साथ दूसरे स्थान पर रही, जबकि प्रमुख कंपनियों का औसत 131 Wh/km रहा।
  • Fast Charging में Tesla सबसे आगे रही, जिसकी औसत चार्जिंग स्पीड 173 kW रही।

By Gaurav Kumar:

टाटा मोटर्स ने इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की एनर्जी एफिशिएंसी के मामले में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। International Council on Clean Transportation (ICCT) की लेटेस्ट रिपोर्ट के मुताबिक, टाटा मोटर्स प्रमुख ऑटो कंपनियों में सबसे ज्यादा एनर्जी एफिशिएंट (Energy Efficient) ईवी बेचने वाली कंपनी है। टाटा की इलेक्ट्रिक कारों की औसत टोटल एनर्जी खपत 106 Wh/km है।

भारत की एक और कंपनी महिंद्रा (Mahindra) ने भी इस मामले में शानदार प्रदर्शन किया है। महिंद्रा 113 Wh/km के साथ दूसरे स्थान पर है। 

हालांकि, इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग की रफ्तार के मामले में टाटा मोटर्स अभी भी काफी पीछे है, जबकि Tesla इस मामले में सबसे आगे है। Mahindra ने 56 kW की एवरेज चार्जिंग स्पीड के साथ टॉप पांच कंपनियों में अपनी जगह बनाई है।

कैसे तय होती है ईवी की एनर्जी एफिशिएंसी?

ICCT यह देखता है कि किसी कंपनी की इलेक्ट्रिक कार एक किलोमीटर चलने में औसतन कितनी बिजली खर्च करती है। इसे Wh/km यानी Watt-hour per kilometre में मापा जाता है।

आसान भाषा में समझें तो कम Wh/km का मतलब ज्यादा एनर्जी एफ्फिसिएंट इलेक्ट्रिक वाहन होता है। ऐसी कार समान बैटरी से ज्यादा दूरी तय कर सकती है या समान दूरी तय करने के लिए छोटी बैटरी का इस्तेमाल कर सकती है। इससे ग्राहक की चार्जिंग कॉस्ट और वाहन को चलाने में होने वाली ऊर्जा खपत कम हो सकती है।

ICCT अलग-अलग देशों में उपलब्ध आंकड़ों को एक समान बनाने के लिए Worldwide Harmonized Light Vehicles Test Procedure (WLTP), New European Driving Cycle (NEDC) test cycle, China Light-Duty Vehicle Test Cycle (CLTC), U.S. Environmental Protection Agency (EPA) जैसे अलग-अलग टेस्टिंग स्टैंडर्ड के आंकड़ों को एक समान स्तर पर लाता है। जहां ऊर्जा खपत का आंकड़ा उपलब्ध नहीं होता, वहां बैटरी में मौजूद ऊर्जा और गाड़ी कितनी दूर चलती है, इन दोनों के आधार पर ऊर्जा खपत का हिसाब लगाया जाता है।

गाड़ी के वजन का भी रखा जाता है ध्यान

ईवी जितना भारी होता है, उसे चलाने में आमतौर पर उतनी ही ज्यादा एनर्जी की जरूरत होती है। इसलिए ICCT सिर्फ एनर्जी एफिशिएंसी आधार पर कंपनियों की तुलना नहीं करता।

रिपोर्ट में सभी वाहनों को 1,734 किलोग्राम के वजन पर तुलना के लिए तैयार किया जाता है। 2025 के आंकड़ों के मुताबिक, हर 1 किलोग्राम अतिरिक्त वजन के साथ ऊर्जा खपत में औसतन 0.049 Wh/km की बढ़ोतरी होती है। इसके बाद हर मॉडल की समायोजित ऊर्जा खपत निकाली जाती है और बिक्री के आधार पर कंपनी की एवरेज खपत तैयार की जाती है।

एनर्जी एफिशिएंसी में Tata Motors और Mahindra सबसे आगे

इस आकलन के बाद Tata Motors 106 Wh/km के साथ पहले नंबर पर है, जबकि Mahindra 113 Wh/km के साथ दूसरे नंबर पर है।वहीं, 2025 में सभी प्रमुख ऑटो कंपनियों की औसत समायोजित ऊर्जा खपत करीब 131 Wh/km रहती है। 2024 में यह आंकड़ा 132 Wh/km रहता है।

सबसे ज्यादा और सबसे कम एनर्जी एफ्फिसिएंट कंपनियों के बीच भी बड़ा अंतर दिखाई देता है। रिपोर्ट के मुताबिक सबसे कम स्कोर करने वाली Stellantis की औसत ऊर्जा खपत Tata Motors से करीब 44 फीसदी ज्यादा है।

चार्जिंग की रफ्तार में कौन आगे?

इलेक्ट्रिक वाहनों की एनर्जी एफिशिएंसी में Tata Motors सबसे आगे थी, लेकिन तेज चार्जिंग के मामले में कंपनी की स्थिति कमजोर है।

ICCT के मुताबिक, 2025 में Tata Motors की 93 फीसदी से ज्यादा इलेक्ट्रिक गाड़ियां तेज चार्जिंग की सुविधा देती हैं। इसके बावजूद इनकी चार्जिंग रफ्तार कई प्रमुख कंपनियों के मुकाबले कम है।

हालांकि टाटा की Harrier EV इस मामले में दूसरी गाड़ियों से आगे है। जून 2025 में लॉन्च हुई Harrier की औसत चार्जिंग क्षमता करीब 160 kW रहती है। यह टाटा के दूसरे सबसे तेज मॉडल Curvv की तुलना में तीन गुना से भी ज्यादा है।

लेकिन टाटा मोटर्स की सबसे ज्यादा बिकने वाली इलेक्ट्रिक कारों में चार्जिंग रफ्तार काफी कम रहती है। उदाहरण के लिए, Tata Punch EV की 35 kWh बैटरी को 10 से 80 फीसदी तक चार्ज होने में करीब 56 मिनट लगते हैं। इससे इसकी औसत चार्जिंग रफ्तार लगभग 23 kW रहती है।

Tesla की चार्जिंग रफ्तार सबसे तेज

चार्जिंग रफ्तार की बात करें तो Tesla 2025 में सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाली कंपनी है। इसकी औसत चार्जिंग रफ्तार 173 kW है। हालांकि, 2024 के 176 kW के मुकाबले इसमें मामूली गिरावट आई थी।

Hyundai-Kia 125 kW के साथ दूसरे स्थान पर रहती है। Tesla Model Y, Hyundai IONIQ 5 और Kia EV6 जैसे मॉडल तेज चार्जिंग वाले इलेक्ट्रिक वाहनों में शामिल रहते हैं।

वहीं, Mahindra 56 kW की औसत चार्जिंग रफ्तार के साथ टॉप पांच में जगह बनाई है, जबकि Tata Motors इस कैटेगरी में सबसे नीचे रहती है।

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