Suzuki का नया दांव! भारत के लिए नई टेक्नोलॉजी, टर्बो इंजन और ADAS फीचर्स पर कंपनी का फोकस
Suzuki ने आने वाले 10 सालों के लिए अपनी टेक्नोलॉजी रणनीति पेश की है। कंपनी हाइब्रिड, इलेक्ट्रिक, टर्बो इंजन और ADAS जैसी तकनीकों पर बड़ा दांव लगा रही है। भारत के लिए खास योजनाओं के साथ Suzuki 2030 तक प्रोडक्शन बढ़ाने और नई जनरेशन की गाड़ियों को तैयार करने की तैयारी में है।

In Short
- Suzuki ने 2030 तक भारत में सालाना करीब 40 लाख वाहन उत्पादन क्षमता का लक्ष्य रखा है और डेवलपमेंट टाइम आधा करने की योजना बनाई है।
- कंपनी नए हाइब्रिड सिस्टम, डायरेक्ट इंजेक्शन टर्बो इंजन और इलेक्ट्रिक व्हीकल टेक्नोलॉजी पर काम कर रही है, जिसमें भारत अहम बाजार होगा।
- Suzuki किफायती कारों में ADAS फीचर्स लाने और CNG-बायोगैस टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है।
जापानी ऑटो कंपनी Suzuki Motor Corporation ने अगले 10 साल के लिए अपनी टेक्नोलॉजी रणनीति पेश की है। कंपनी का लक्ष्य 2030 तक नई गाड़ियों के डेवलपमेंट टाइम को आधा करना है।
Suzuki ने 25 सितंबर को अपनी “Technology Strategy 2026 for 10 Years Ahead” पेश की। कंपनी का कहना है कि वह डिजिटल इंजीनियरिंग, मॉड्यूलर डिजाइन और पैरेलल डेवलपमेंट के जरिए डेवलपमेंट एफिशिएंसी में 30% और मैन्युफैक्चरिंग एफिशिएंसी में 50% सुधार का लक्ष्य रख रही है।
कंपनी भारत में अपनी सालाना प्रोडक्शन क्षमता को FY2030 से करीब 40 लाख वाहनों तक पहुंचाने का लक्ष्य भी रख रही है।
इलेक्ट्रिक के साथ हाइब्रिड और CNG पर भी फोकस
Suzuki सिर्फ एक पावरट्रेन टेक्नोलॉजी पर निर्भर नहीं रहना चाहती। कंपनी ने कहा है कि वह अलग-अलग बाजारों की जरूरत के हिसाब से BEV, हाइब्रिड, ICE, CNG और फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों पर काम जारी रखेगी।
इलेक्ट्रिफाइड व्हीकल्स के लिए कंपनी नई जनरेशन के पावरट्रेन तैयार कर रही है। इसमें मिनी व्हीकल्स के लिए नया हाइब्रिड सिस्टम, कॉम्पैक्ट कारों के लिए सीरीज हाइब्रिड और REEV Light कॉन्सेप्ट शामिल है।
Suzuki के अनुसार, मिनी व्हीकल हाइब्रिड सिस्टम ICE मॉडल की तुलना में करीब 15% कम CO2 उत्सर्जन कर सकता है। वहीं कॉम्पैक्ट कारों के इलेक्ट्रिफिकेशन सिस्टम से 2022 के मुकाबले करीब 29% कम CO2 उत्सर्जन का लक्ष्य है।
भारत के लिए नया टर्बो इंजन तैयार कर रही कंपनी
इलेक्ट्रिफिकेशन के साथ Suzuki पेट्रोल इंजन टेक्नोलॉजी पर भी काम कर रही है। कंपनी ने नई डायरेक्ट इंजेक्शन टर्बोचार्ज्ड इंजन टेक्नोलॉजी विकसित करने की जानकारी दी है।
इस इंजन को DITC नाम दिया गया है। कंपनी का लक्ष्य इस इंजन में बेहतर परफॉर्मेंस के साथ ज्यादा एफिशिएंसी हासिल करना है।
Suzuki ने बताया कि वह थर्मल एफिशिएंसी को 50% तक पहुंचाने के लिए कूलिंग, एग्जॉस्ट, मैकेनिकल और पंपिंग लॉस को कम करने पर काम कर रही है।
कंपनी ने भारत को इस नए डायरेक्ट इंजेक्शन टर्बो इंजन के लिए एक प्रमुख बाजार बताया है।
कारों को हल्का बनाने की तैयारी
Suzuki ने 2030 तक वाहनों का वजन 100 किलोग्राम तक कम करने का लक्ष्य रखा है। कंपनी आगे चलकर इसे 120 किलोग्राम तक ले जाने की संभावना भी तलाश रही है।
कंपनी का कहना है कि सुरक्षा मानकों को पूरा करने के लिए सिर्फ ज्यादा वजन जोड़ने के बजाय वह क्रैश एनर्जी कंट्रोल और बेहतर व्हीकल स्ट्रक्चर पर काम कर रही है।
सस्ती कारों में भी मिलेगा ADAS
Suzuki ने सेफ्टी टेक्नोलॉजी को ज्यादा से ज्यादा कारों तक पहुंचाने की योजना बनाई है। कंपनी चाहती है कि ADAS फीचर्स किफायती मॉडलों में भी स्टैंडर्ड बनें।
ऑटोनॉमस इमरजेंसी ब्रेकिंग और लेन डिपार्चर प्रिवेंशन जैसे फीचर्स को स्टैंडर्ड करने पर काम किया जा रहा है।
भारत के लिए Suzuki “जस्ट-राइट ADAS” टेक्नोलॉजी विकसित कर रही है, जिसमें कैमरा, AI चिप और कंट्रोलर इंटीग्रेशन के जरिए लागत कम करने का लक्ष्य है।
CNG और बायोगैस पर भी जारी रहेगा फोकस
Suzuki भारत में CNG और बायोगैस को भी अपनी रणनीति का अहम हिस्सा मान रही है। कंपनी का तीसरा बायोगैस प्लांट अगस्त 2026 में भारत में शुरू हुआ है।
इस प्लांट में गोबर से कंप्रेस्ड बायोगैस और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर तैयार किया जा रहा है। कंपनी का कहना है कि CBG मौजूदा CNG वाहनों और इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल कर सकता है।
इसके अलावा Suzuki ने e SKY इलेक्ट्रिक व्हीकल प्रोटोटाइप भी दिखाया है, जिसकी रेंज 310 किलोमीटर और वजन 1,030 किलोग्राम बताया गया है।