दिल्ली में प्रीमियम फ्यूल की बढ़ी डिमांड, XP95 और XP100 की बिक्री हुई दोगुनी
E20 पेट्रोल को लेकर बढ़ी चर्चाओं के बीच इंडियनऑयल के XP95 और XP100, भारत पेट्रोलियम के Speed 97 समेत दूसरे हाई-ऑक्टेन फ्यूल की मांग तेजी से बढ़ी है। सूत्रों का कहना है कि दिल्ली के कई पेट्रोल पंपों पर प्रीमियम पेट्रोल की बिक्री दोगुनी हो गई है।

In Short
- दिल्ली के कई पेट्रोल पंपों पर XP95, XP100 और Speed 97 जैसे प्रीमियम पेट्रोल की बिक्री में तेज़ बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
- E20 पेट्रोल को लेकर चर्चा के बीच कई वाहन मालिक एहतियात के तौर पर हाई-ऑक्टेन प्रीमियम फ्यूल को प्राथमिकता दे रहे हैं।
- सरकार ने साफ किया है कि E20-अनुकूल वाहनों के लिए यह ईंधन सुरक्षित है और इससे इंजन को नुकसान होने की आशंकाओं का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बड़ी संख्या में वाहन मालिक अब सामान्य पेट्रोल की जगह प्रीमियम पेट्रोल भरवा रहे हैं। बिजनेस टुडे ने सूत्रों के मुताबिक बताया कि E20 पेट्रोल को लेकर बढ़ी चर्चाओं के बीच इंडियनऑयल के XP95 और XP100, भारत पेट्रोलियम के Speed 97 समेत दूसरे हाई-ऑक्टेन फ्यूल की मांग तेजी से बढ़ी है।
सूत्रों का कहना है कि दिल्ली के कई पेट्रोल पंपों पर प्रीमियम पेट्रोल की बिक्री दोगुनी हो गई है। वहीं, पॉश इलाकों में स्थित कुछ पेट्रोल पंपों पर इसकी मांग पांच गुना तक बढ़ने की जानकारी सामने आई है।
कुछ पेट्रोल पंपों पर बिक्री में बड़ा उछाल
सूत्रों के अनुसार, दिल्ली के एक पेट्रोल पंप पर XP95 की रोजाना बिक्री पहले करीब 1,000 लीटर थी, जो अब बढ़कर 1,500 से 1,700 लीटर के बीच पहुंच गई है। इसी पंप पर XP100 की मांग भी करीब पांच गुना बढ़ी है। इसकी बिक्री पहले करीब 100 लीटर प्रतिदिन थी, जो अब लगभग 500 लीटर तक पहुंच गई है।
E20 की चर्चा के बीच बढ़ी दिलचस्पी
E20 पेट्रोल में 20% तक एथेनॉल मिलाया जाता है। ऑटोमोबाइल कंपनियां और ऑयल मार्केटिंग कंपनियां लगातार कहती रही हैं कि E20 के अनुरूप तैयार किए गए वाहन इस ईंधन पर सुरक्षित तरीके से चल सकते हैं। इसके बावजूद, खासकर प्रीमियम और हाई-परफॉर्मेंस वाहनों के कुछ मालिक एहतियात के तौर पर हाई-ऑक्टेन प्रीमियम पेट्रोल को प्राथमिकता दे रहे हैं।
हालांकि, इस मांग में बदलाव को लेकर सरकार या ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है।
सरकार ने बताया, फिलहाल E20 बनाना पड़ रहा महंगा
इस बीच, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि मौजूदा समय में, जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत करीब 70 डॉलर प्रति बैरल है, तब E20 पेट्रोल का उत्पादन पारंपरिक पेट्रोल की तुलना में अधिक महंगा पड़ रहा है। मंत्रालय के मुताबिक, यदि कच्चे तेल की कीमत 120-130 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचती है, तब एथेनॉल मिश्रित ईंधन अपेक्षाकृत सस्ता विकल्प बन सकता है।
एथेनॉल ब्लेंडिंग के फायदे गिनाए
मंत्रालय ने कहा कि एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल कार्यक्रम का सबसे बड़ा फायदा भारत की आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम करना है। सरकार के अनुसार, इस योजना से अब तक 1.97 लाख करोड़ रुपये से अधिक की विदेशी मुद्रा की बचत हुई है, करीब 316 लाख मीट्रिक टन कच्चे तेल के आयात की जरूरत घटी है, लगभग 952 लाख मीट्रिक टन कार्बन उत्सर्जन कम हुआ है और किसानों को 1.66 लाख करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया है।
इंजन को नुकसान की आशंकाओं को किया खारिज
सरकार ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि E20 ईंधन से इंजन को नुकसान पहुंचने या माइलेज में भारी गिरावट आने जैसी सोशल मीडिया पर चल रही बातों का कोई आधार नहीं है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी भी पहले कह चुके हैं कि व्यापक परीक्षण और उद्योग से मिले फीडबैक में E20-अनुकूल वाहनों के प्रदर्शन या टिकाऊपन पर कोई बड़ा नकारात्मक असर नहीं मिला है। उन्होंने यह भी साफ किया कि E20 से अधिक एथेनॉल मिश्रण लागू करने का फिलहाल कोई फैसला नहीं हुआ है।