हाईवे पर हादसे के बाद अब 10 मिनट में पहुंचेगी एंबुलेंस! NHAI ने तय की नई समय सीमा
सड़क हादसे के बाद घायलों को जल्द इलाज मिल सके, इसके लिए NHAI ने एंबुलेंस और इमरजेंसी सेवाओं को लेकर नए नियम जारी किए हैं। अब Response Time पर सख्ती होगी और देरी करने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा। जानिए क्या हैं नए नियम और कैसे बदलेगी हाईवे सुरक्षा व्यवस्था।

In Short
- हादसे की जानकारी के बाद 10 किलोमीटर के दायरे में 10 मिनट में पहुंचनी होगी एंबुलेंस
- घायल को एक घंटे के अंदर नजदीकी अस्पताल पहुंचाने का नियम
- देरी या लापरवाही पर एंबुलेंस सेवाओं पर लगेगा 10 हजार रुपये का जुर्माना
नेशनल हाईवे पर होने वाले हादसों में घायलों को समय पर मदद मिल सके, इसके लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने एंबुलेंस और दूसरी इमरजेंसी सेवाओं के लिए नए नियम जारी किए हैं। अब 10 किलोमीटर के दायरे में किसी भी दुर्घटना की जानकारी मिलने के बाद एंबुलेंस को 10 मिनट के अंदर मौके पर पहुंचना होगा। इन नए नियमों का मकसद सड़क हादसों में बचाव कार्य को तेज करना है।
10 किलोमीटर के अंदर हादसा तो 10 मिनट में पहुंचेगी एंबुलेंस
NHAI की नई गाइडलाइन के अनुसार, हादसे की जानकारी मिलने के बाद एंबुलेंस को टिकट स्वीकार होने के समय से 10 किलोमीटर की दूरी के अंदर दुर्घटना स्थल तक पहुंचने में 10 मिनट से ज्यादा समय नहीं लेना चाहिए। अगर हादसे की जगह 10 किलोमीटर से ज्यादा दूर है तो दूरी के हिसाब से समय बढ़ाया जाएगा। इसकी जांच GPS डेटा और NHAI Care System के Dashboard से की जाएगी।
घायल को एक घंटे में पहुंचाना होगा अस्पताल
नई व्यवस्था के तहत एंबुलेंस की जिम्मेदारी सिर्फ हादसा स्थल तक पहुंचने तक सीमित नहीं होगी। एंबुलेंस को टिकट स्वीकार होने के समय से एक घंटे के अंदर घायल व्यक्ति को नजदीकी अस्पताल पहुंचाना होगा। अगर तय समय में घायल को अस्पताल नहीं पहुंचाया गया तो 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है।
नियम तोड़ने पर लगेगा 10 हजार रुपये का जुर्माना
NHAI ने साफ किया है कि अगर कोई एंबुलेंस इमरजेंसी टिकट को स्वीकार करने से मना करती है तो उस पर भी 10 हजार रुपये की पेनल्टी लगाई जाएगी। इसके अलावा एंबुलेंस में जरूरी उपकरण, दवाएं और स्टाफ उपलब्ध नहीं होने पर भी जुर्माने का प्रावधान रखा गया है।
3000 एंबुलेंस और 1000 पेट्रोलिंग वाहन संभाल रहे हाईवे
NHAI के अनुसार, देशभर में करीब 3000 एंबुलेंस और 1000 पेट्रोलिंग वाहन व क्रेन लगभग 50 हजार किलोमीटर लंबे हाईवे नेटवर्क पर तैनात हैं। इन सभी वाहनों को NHAI Care System से जोड़ा गया है ताकि हादसे की जानकारी मिलने के बाद तुरंत कार्रवाई की जा सके।
GPS से होगी हर वाहन की निगरानी
हाईवे पर तैनात सभी एंबुलेंस, क्रेन और पेट्रोलिंग वाहनों में AIS-140 मानक वाले GPS डिवाइस लगाए गए हैं। इसके अलावा हर वाहन को IoT सिम के साथ Dedicated Android Mobile Device यानी Mobile Data Terminal दिया गया है। इससे वाहनों की लोकेशन और Response Time की निगरानी की जाएगी।
1033 हेल्पलाइन से मिलेगी दुर्घटना की जानकारी
सरकार ने पूरे National Highway नेटवर्क के लिए 1033 हेल्पलाइन नंबर शुरू किया है। इसी के जरिए हादसों की जानकारी मिलने के बाद इमरजेंसी सेवाओं को सक्रिय किया जाएगा। सड़क सुरक्षा पर बनी सुप्रीम कोर्ट कमेटी और CAG की Performance Audit में हादसों के बाद Response Time में देरी का मुद्दा सामने आया था।
NHAI ने सभी Project Directors और Regional Officers को इन नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। प्राधिकरण ने कहा है कि यह मामला लोगों की Public Health और Safety से जुड़ा है, इसलिए किसी भी तरह की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।