NHAI की नई डिजिटल सुविधा शुरू, 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वालों को मिलेगा बड़ा फायदा

NHAI ने देशभर के 121 टोल प्लाजा पर डिजिटल FASTag लोकल पास की सुविधा शुरू कर दी है। अब 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले पात्र वाहन चालक राजमार्गयात्रा ऐप के जरिए घर बैठे मासिक लोकल पास के लिए आवेदन कर सकेंगे। इससे दस्तावेज और सत्यापन प्रक्रिया आसान होगी।

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In Short

  • 121 टोल प्लाजा पर शुरू हुई डिजिटल FASTag लोकल पास सुविधा
  • 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोग कर सकेंगे ऑनलाइन आवेदन
  • DigiLocker और VAHAN से होगा डिजिटल सत्यापन

By Gaurav Kumar:

FASTag Local Pass: भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी NHAI ने देशभर के 121 टोल प्लाजा पर डिजिटल FASTag लोकल पास की सुविधा शुरू कर दी है। अब पात्र स्थानीय वाहन चालक राजमार्गयात्रा मोबाइल ऐप के जरिए घर बैठे मासिक लोकल पास के लिए आवेदन कर सकेंगे। इंडिया टुडे के रिपोर्टर आशुतोष मिश्रा के मुताबिक, इस डिजिटल सुविधा से टोल प्लाजा पर जाकर दस्तावेज जमा करने और भौतिक सत्यापन कराने की जरूरत कम होगी।

20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोग कर सकेंगे आवेदन

डिजिटल लोकल पास के लिए वही वाहन चालक आवेदन कर पाएंगे, जिनका पंजीकृत आवासीय पता संबंधित टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में आता है। पात्र लोगों को लागू नियमों के अनुसार एक महीने के लिए संबंधित टोल प्लाजा से असीमित यात्रा की सुविधा मिलेगी।

पहले लोकल पास बनवाने के लिए वाहन चालकों को टोल प्लाजा पर जाकर अपना पता और पात्रता से जुड़े दस्तावेज जमा करने पड़ते थे। अब यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन की जा रही है।

जुलाई में दिल्ली के टोल प्लाजा से हुई थी शुरुआत

NHAI ने डिजिटल लोकल पास की शुरुआत जुलाई 2026 में दिल्ली के मुंडका-बक्करवाला टोल प्लाजा से की थी। यह टोल प्लाजा अर्बन एक्सटेंशन रोड टू पर स्थित है। शुरुआती चरण में सुविधा के सफल संचालन के बाद अब इसे देशभर के 121 टोल प्लाजा तक बढ़ा दिया गया है।

NHAI के अनुसार, आने वाले समय में इस सुविधा का विस्तार अन्य टोल प्लाजा तक भी किया जाएगा।

DigiLocker और VAHAN से होगा सत्यापन

डिजिटल लोकल पास के लिए DigiLocker और VAHAN जैसे सरकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म की मदद ली जाएगी। इनके जरिए आवेदक के आवासीय पते, वाहन की जानकारी और लिंक किए गए FASTag का सत्यापन किया जाएगा।

इसके अलावा GIS आधारित सत्यापन से यह जांच की जाएगी कि आवेदक का पता संबंधित टोल प्लाजा के तय 20 किलोमीटर के दायरे में आता है या नहीं।

कम होगा मैन्युअल काम, बढ़ेगी पारदर्शिता

NHAI का कहना है कि डिजिटल डेटा और GIS आधारित सत्यापन से दस्तावेजी प्रक्रिया आसान होगी। इससे मैन्युअल हस्तक्षेप कम होगा और पात्रता तय करने में पारदर्शिता और सटीकता बढ़ेगी।

पात्र राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ता डिजिटल लोकल पास के लिए उपलब्ध टोल प्लाजा की जानकारी राजमार्गयात्रा पोर्टल पर देख सकते हैं। NHAI की यह पहल राष्ट्रीय राजमार्ग सेवाओं को ज्यादा आसान और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में एक कदम है।
 

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