कार खरीदने वालों के लिए बड़ी खबर! 2027 से बदल जाएगा ये नियम, पेट्रोल-डीजल गाड़ियों पर पड़ेगा असर
भारत में पैसेंजर कार्स के फ्यूल इकॉनमी नियमों में बड़ा बदलाव आने की तैयारी है। मिनिस्ट्री ऑफ पावर ने कैफे-थ्री के ड्राफ्ट नॉर्म्स जारी किए हैं, जिनका असर देश में बनने और इम्पोर्ट होने वाली गाड़ियों पर पड़ सकता है। आखिर ये नियम कब से लागू होंगे और किन गाड़ियों पर असर पड़ेगा?

In Short
- मिनिस्ट्री ऑफ पावर ने कैफे-थ्री के ड्राफ्ट नॉर्म्स जारी किए हैं, जिन्हें 2027-28 से लागू करने का प्रस्ताव है।
- नए नॉर्म्स एम-वन कैटेगरी की भारत में बनने और इम्पोर्ट होकर बिकने वाली पैसेंजर व्हीकल्स पर लागू हो सकते हैं।
- ड्राफ्ट पर स्टेकहोल्डर्स और पब्लिक से सजेशन्स और फीडबैक मांगे गए थे, जिसकी आखिरी तारीख 6 अगस्त 2026 थी।
भारत में बिकने वाली पैसेंजर कार्स के लिए आने वाले वर्षों में फ्यूल इकॉनमी के नियम बदल सकते हैं। मिनिस्ट्री ऑफ पावर ने कॉरपोरेट एवरेज फ्यूल इकॉनमी यानी कैफे-थ्री के ड्राफ्ट नॉर्म्स जारी किए हैं। इन नियमों का असर देश में बनने वाली और विदेश से इम्पोर्ट होकर भारत में बिकने वाली गाड़ियों पर पड़ेगा। अब समझते हैं कि ये नियम कब से लागू करने का प्रस्ताव है और सरकार ने फिलहाल क्या प्रोसेस शुरू किया है।
2027-28 से लागू करने का है प्रस्ताव
मिनिस्ट्री ऑफ पावर ने 16 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट कॉरपोरेट एवरेज फ्यूल इकॉनमी 2027 नॉर्म्स यानी कैफे-थ्री को स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन के लिए सर्कुलेट किया। ड्राफ्ट के मुताबिक इन नॉर्म्स को वित्त वर्ष 2027-28 से 2031-32 के दौरान लागू करने का प्रस्ताव है। यानी यह व्यवस्था लगातार पांच वित्त वर्षों के लिए एम-वन कैटेगरी की पैसेंजर व्हीकल्स पर लागू हो सकती है।
किन गाड़ियों पर लागू होंगे नए नॉर्म्स
ड्राफ्ट कैफे-थ्री नॉर्म्स का दायरा एम-वन कैटेगरी की पैसेंजर व्हीकल्स के लिए तय किया गया है। इसमें वे गाड़ियां शामिल होंगी, जिन्हें भारत में बनाया जाता है या फिर विदेश से इम्पोर्ट करके भारत में सेल के लिए लाया जाता है। हालांकि अभी ये फाइनल नॉर्म्स नहीं हैं और सरकार ने इन्हें कंसल्टेशन के लिए जारी किया है।
सरकार ने मांगे थे सुझाव और फीडबैक
मिनिस्ट्री ने ड्राफ्ट नॉर्म्स पर स्टेकहोल्डर्स और आम लोगों से सजेशन्स और फीडबैक मांगे थे। इसके लिए लोगों को अपनी राय अंडर सेक्रेटरी, एनर्जी कंजर्वेशन को भेजने का विकल्प दिया गया था। फीडबैक डाक के जरिए रूम नंबर 6424, हॉल नंबर 4, छठी मंजिल, जीपीओए-3, अफ्रीका एवेन्यू, नेताजी नगर, नई दिल्ली पर भेजा जा सकता था।
ईमेल से भी भेजी जा सकती थी राय
सरकार ने फीडबैक भेजने के लिए ईमेल का विकल्प भी दिया था। सजेशन्स और फीडबैक saket-upsc[at]gov[dot]in पर भेजे जा सकते थे। मिनिस्ट्री ने इसके लिए 6 अगस्त 2026 तक की आखिरी तारीख तय की थी। यानी ड्राफ्ट जारी होने के बाद सरकार ने संबंधित इंडस्ट्री, स्टेकहोल्डर्स और पब्लिक को अपनी राय रखने का मौका दिया।
मिनिस्ट्री और बीईई की वेबसाइट पर भी ड्राफ्ट
मिनिस्ट्री ऑफ पावर ने कहा था कि ड्राफ्ट नॉर्म्स को जल्द ही मिनिस्ट्री की वेबसाइट और ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी यानी बीईई की वेबसाइट पर भी अपलोड किया जाएगा। कंसल्टेशन प्रोसेस पूरा होने के बाद इन सुझावों के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय की जा सकती है। फिलहाल कैफे-थ्री के ये नियम ड्राफ्ट स्टेज में हैं और इनका प्रस्तावित समय 2027-28 से 2031-32 तक रखा गया है।