गीली सड़क पर जल्दी रुकेगी कार, टायर भी चलेगा ज्यादा; जानिए Michelin के पहले मेड इन इंडिया Tyre की खासियत

Primacy 5 का इस्तेमाल सेडान, एसयूवी, पेट्रोल-डीजल कारों के साथ हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक कारों में भी किया जा सकता है। कंपनी का दावा है कि नया टायर बेहतर ब्रेकिंग, ज्यादा लाइफ, आरामदायक राइड और बेहतर एफिशिएंसी देता है।

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By Gaurav Kumar:

मिशेलिन (Michelin) ने भारत में हाल ही में अपना पहला मेड इन इंडिया टायर- Michelin Primacy 5 को लॉन्च किया था जिसे खास तौर पर भारतीय सड़कों और यहां की ड्राइविंग कंडीशन को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। मिशेलिन ने इस टायर को भारत में 3 अगस्त 2026 को लॉन्च किया था।

Primacy 5 का इस्तेमाल सेडान, एसयूवी, पेट्रोल-डीजल कारों के साथ हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक कारों में भी किया जा सकता है। कंपनी का दावा है कि नया टायर बेहतर ब्रेकिंग, ज्यादा लाइफ, आरामदायक राइड और बेहतर एफिशिएंसी देता है।

यह टायर 16 इंच से लेकर 22 इंच तक के साइज में मिलेगा। इसकी शुरुआती कीमत करीब 10,000 रुपये होगी, हालांकि कीमत टायर के साइज के हिसाब से अलग-अलग होगी।

गीली सड़क पर जल्दी रुक सकती है कार

Primacy 5 की सबसे बड़ी खासियत इसकी ब्रेकिंग परफॉर्मेंस बताई जा रही है। नैट्रैक्स, इंदौर में हुंडई क्रेटा पर किए गए टेस्ट में गीली सड़क पर 80 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ब्रेक लगाने पर नए प्राइमेसी 5 को रुकने में औसतन 30.5 मीटर लगे।

वहीं दूसरे प्रीमियम टायरों को रुकने में करीब 38.6 मीटर का फासला लगा। यानी प्राइमेसी 5 करीब 8 मीटर पहले रुक गया।

टायर घिसने के बाद भी इसकी ब्रेकिंग को टेस्ट किया गया। 2 एमएम ट्रेड बचने पर प्राइमेसी 5 ने 37.6 मीटर में गाड़ी रोक दी, जबकि दूसरे टायरों को करीब 46.5 मीटर लगे।

सूखी सड़क पर 100 से 0 किलोमीटर प्रति घंटे की ब्रेकिंग में भी प्राइमेसी 5 ने औसतन 38.1 मीटर में कार रोक दी, जबकि दूसरे टायरों को लगभग 42.2 मीटर लगे।

सफर को ज्यादा आरामदायक बनाने पर फोकस

मिशेलिन का कहना है कि नए टायर के डिजाइन से सड़क का शोर और कंपन कम महसूस होता है। टेस्टिंग के दौरान प्राइमेसी 5 ने राइड कम्फर्ट में 4.8 मीटर प्रति सेकंड की वर्टिकल एक्सेलेरेशन दर्ज की, जबकि दूसरे टायरों का औसत 5.2 मीटर प्रति सेकंड रहा।

पुराने टायर से 8% ज्यादा चलने का दावा

कंपनी के मुताबिक प्राइमेसी 5 की लाइफ पुराने प्राइमेसी 4 एसटी के मुकाबले करीब 8 प्रतिशत ज्यादा है। इसकी जांच भारतीय सड़कों पर हुंडई क्रेटा के साथ की गई।

यानी सामान्य इस्तेमाल में नया टायर पहले के मॉडल की तुलना में ज्यादा दूरी तक चल सकता है।

 पेट्रोल-डीजल के साथ ईवी के लिए भी तैयार

प्राइमेसी 5 को पेट्रोल-डीजल, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक कारों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इलेक्ट्रिक कारें आम तौर पर ज्यादा भारी होती हैं और उनका टॉर्क भी ज्यादा होता है। ऐसे में टायर पर दबाव बढ़ता है। मिशेलिन का दावा है कि प्राइमेसी 5 को इसी अतिरिक्त वजन और टॉर्क को संभालने के लिए डिजाइन किया गया है।

इसके अलावा नए टायर में प्राइमेसी 4 एसटी के मुकाबले 6.5 प्रतिशत कम रोलिंग रेजिस्टेंस मिलता है। इसका मतलब टायर को सड़क पर घूमने के लिए कम ऊर्जा की जरूरत पड़ती है। इससे पेट्रोल-डीजल कारों में ईंधन की खपत कम करने और इलेक्ट्रिक कारों में ड्राइविंग रेंज बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

भारत में ही बन रहा है नया टायर

मिशेलिन इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर शांतनु देशपांडे के मुताबिक प्राइमेसी 5 को भारत में चलने वाली आम गाड़ियों पर विकसित और टेस्ट किया गया है। इसके प्रदर्शन की तुलना दूसरे प्रमुख प्रीमियम टायरों से भी की गई है।

कंपनी का कहना है कि भारत में इसका निर्माण शुरू करना उसके लंबे समय के निवेश और बाजार को लेकर प्रतिबद्धता का हिस्सा है।मिशेलिन प्राइमेसी 5 को टायर टेक्नोलॉजी इंटरनेशनल अवॉर्ड्स फॉर इनोवेशन एंड एक्सीलेंस में टायर ऑफ द ईयर 2025 का पुरस्कार भी मिल चुका है।

यह टायर अगस्त 2026 से मिशेलिन टायर्स एंड सर्विस स्टोर्स और देशभर के करीब 800 मिशेलिन डीलर्स के पास उपलब्ध है।
 

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