महाराष्ट्र में टैक्सी, ऑटो ड्राइवरों के लिए मराठी होगी जरूरी नियम! नहीं माना तो लाइसेंस पर होगा एक्शन

महाराष्ट्र में टैक्सी, ऑटो और ऐप-बेस्ड कैब ड्राइवरों के लिए भाषा से जुड़ा नया नियम लागू करने की तैयारी है। सरकार ने इसके लिए नियमों में बदलाव का प्रस्ताव रखा है। तय शर्त पूरी नहीं करने पर ड्राइवर के लाइसेंस से जुड़ी कार्रवाई भी हो सकती है। जानिए पूरा नियम क्या है।

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In Short

  • महाराष्ट्र में टैक्सी और ऑटो ड्राइवरों के लिए कामकाज लायक मराठी की जानकारी जरूरी करने की तैयारी है।
  • नियम पूरा नहीं करने पर लाइसेंस से जुड़ा ऑथराइजेशन तीन महीने तक सस्पेंड हो सकता है।
  • 15 अगस्त की डेडलाइन आगे नहीं बढ़ेगी और 17 अगस्त को ट्रेनिंग पूरी करने वालों को सर्टिफिकेट मिलेंगे।

By Gaurav Kumar:

महाराष्ट्र में टैक्सी, ऑटो और ऐप-बेस्ड कैब चलाने वाले ड्राइवरों के लिए मराठी भाषा की जानकारी अब जरूरी करने की तैयारी है। राज्य सरकार इसके लिए महाराष्ट्र मोटर व्हीकल्स रूल्स 1989 में बदलाव का प्रस्ताव लाई है। नए नियम में ड्राइवर के पास कामकाज के लायक मराठी की जानकारी होना जरूरी होगा। सरकार का कहना है कि इससे यात्रियों और ड्राइवरों के बीच बातचीत आसान होगी। यह नियम कैसे लागू होगा, कितने दिन का समय मिलेगा और मराठी नहीं सीखने पर क्या कार्रवाई हो सकती है, इन सभी बातों को प्रस्ताव में साफ किया गया है।

15 अगस्त के बाद मराठी की जानकारी होगी जरूरी

राज्य के ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर प्रताप सरनाईक ने बुधवार को कहा कि टैक्सी और ऑटो ड्राइवरों को मराठी सीखने के लिए दी गई 15 अगस्त की डेडलाइन आगे नहीं बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में पब्लिक ट्रांसपोर्ट सेवा देने वाले ड्राइवरों को बेसिक और कामकाज के लायक मराठी आनी चाहिए। सरकार के मुताबिक ड्राइवरों को इसे सीखने के लिए पर्याप्त समय दिया जा चुका है।

एक महीने का मिलेगा मौका

ड्राफ्ट नोटिफिकेशन के मुताबिक अगर किसी ड्राइवर को जरूरी स्तर की मराठी नहीं आती है तो लाइसेंसिंग अथॉरिटी उसे नोटिस देगी। इसके बाद ड्राइवर को मराठी की जरूरी जानकारी हासिल करने के लिए एक महीने का समय मिलेगा। यह नियम इलेक्ट्रॉनिक मीटर वाली मोटर कैब के साथ ऑटो, टैक्सी और ऐप-बेस्ड मोटर कैब के ड्राइवरों पर लागू करने का प्रस्ताव है।

नियम नहीं माना तो तीन महीने तक सस्पेंशन

एक महीने के भीतर जरूरी मराठी नहीं सीखने पर ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ा ऑथराइजेशन अधिकतम तीन महीने तक सस्पेंड किया जा सकता है। इसके बाद भी नियम का पालन नहीं किया गया तो ऑथराइजेशन रद्द किया जा सकता है। हालांकि इसे रद्द करने से पहले ड्राइवर को अपना पक्ष रखने का उचित मौका दिया जाएगा।

परमिट रिन्यू कराने में भी दिखानी होगी मराठी की जानकारी

प्रस्तावित नियम केवल नए ऑथराइजेशन तक सीमित नहीं रहेगा। परमिट रिन्यू कराने के दौरान भी परमिट होल्डर को संबंधित अथॉरिटी के सामने यह साबित करना होगा कि उसे कामकाज के लायक मराठी आती है। नए ऑथराइजेशन के लिए आवेदन करने वालों के लिए भी यह योग्यता जरूरी होगी।

यात्रियों से बातचीत आसान बनाने का मकसद

सरनाईक के मुताबिक लोकल भाषा की जानकारी होने से ड्राइवर यात्रियों की बात बेहतर तरीके से समझ सकेंगे और सफर को सुरक्षित तथा सुविधाजनक बनाने में मदद मिलेगी। ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के एक सीनियर अधिकारी के मुताबिक ड्राफ्ट नोटिफिकेशन को लॉ एंड ज्यूडिशियरी डिपार्टमेंट से मंजूरी मिल चुकी है। फाइनल नोटिफिकेशन होम डिपार्टमेंट मोटर व्हीकल्स एक्ट के तहत जारी करेगा।

17 अगस्त को ड्राइवरों को मिलेंगे सर्टिफिकेट

सरकार ने मराठी सीखने के लिए ट्रेनिंग कोर्स भी आयोजित किया है। प्रताप सरनाईक के मुताबिक 17 अगस्त को डिप्टी चीफ मिनिस्टर एकनाथ शिंदे ऐसे सैकड़ों ऑटो ड्राइवरों को सर्टिफिकेट देंगे जिन्होंने सरकार की ओर से आयोजित मराठी ट्रेनिंग कोर्स पूरा कर लिया है।

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