लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे खुलने के एक महीने के भीतर फिर खराब हुई सड़क, NHAI ने शुरू की जांच
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे शुरू होने के कुछ ही दिनों बाद सड़क की सतह पर आई खराबी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्नाव के पास हुए नुकसान के बाद NHAI ने जांच शुरू कर दी है। जानिए आखिर कहां आई दिक्कत, कितने हिस्से की होगी मरम्मत और किन पर हुई कार्रवाई।

In Short
- लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर उन्नाव के कोरारी के पास सड़क खराब होने के बाद NHAI ने जांच शुरू कर दी है।
- पहले 20 मीटर हिस्से की मरम्मत के बाद अब पूरे 220 मीटर अप्रोच रोड को रिपेयर करने का फैसला लिया गया है।
- जांच पूरी होने से पहले NHAI ने दो इंडिपेंडेंट इंजीनियर और एक मेंटेनेंस इंजीनियर को डिबार कर दिया है।
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक शुरू हुए अभी एक महीना भी पूरा नहीं हुआ है, लेकिन सड़क की सतह पर दोबारा नुकसान सामने आने से इसके कंस्ट्रक्शन और क्वालिटी को लेकर सवाल उठने लगे हैं। उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में कोरारी के पास ब्रिज की अप्रोच रोड पर आई खराबी के बाद NHAI ने जांच शुरू कर दी है। अब जानते हैं कि नुकसान कहां हुआ, रिपेयर का क्या प्लान है और किन लोगों पर कार्रवाई की गई है।
कोरारी के पास दोबारा खराब हुई सड़क
नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी NHAI के मुताबिक, सड़क को नुकसान उन्नाव जिले के कोरारी इलाके में एक ब्रिज के अप्रोच एम्बैंकमेंट पर हुआ है। खराबी सामने आने के बाद प्रभावित हिस्से में ट्रैफिक को डायवर्ट कर रिपेयर का काम शुरू कर दिया गया है।
NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर नकुल प्रकाश वर्मा ने PTI को बताया कि यह समस्या ब्रिज के स्ट्रक्चर में नहीं है। नुकसान केवल उस हिस्से में हुआ है, जहां सड़क ब्रिज से जुड़ती है।
20 मीटर नहीं अब पूरा 220 मीटर हिस्सा होगा रिपेयर
अधिकारियों के मुताबिक, पहले करीब 20 मीटर के हिस्से में नुकसान सामने आया था, जिसकी रिपेयर की गई थी। अब उसी के पास दोबारा खराबी दिखने के बाद NHAI ने पूरे 220 मीटर लंबे अप्रोच हिस्से को रिपेयर करने का फैसला किया है।
कोरारी टोल प्लाजा के पास ट्रैफिक को दूसरी तरफ मोड़ा गया है। वर्मा के मुताबिक, रिपेयर का काम दो दिन के भीतर पूरा होने की उम्मीद है। इसके बाद इस हिस्से पर ट्रैफिक मूवमेंट फिर से नॉर्मल कर दिया जाएगा।
पांच अलग घटनाएं बताना सही नहीं
प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने उन रिपोर्ट्स को भी साफ किया, जिनमें सड़क धंसने के पांच अलग-अलग मामले बताए जा रहे थे। उन्होंने कहा कि ज्यादातर नुकसान एक ही अप्रोच सेक्शन तक सीमित रहा है, इसलिए इन्हें पांच अलग मामले बताना सही नहीं होगा।
बार-बार खराबी क्यों सामने आ रही है, इसका कारण जानने के लिए एक इन्क्वायरी कमेटी बनाई गई है। कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
तीन इंजीनियरों पर NHAI की कार्रवाई
जांच पूरी होने से पहले NHAI ने अंतरिम कार्रवाई करते हुए तीन इंजीनियरों को डिबार कर दिया है। इनमें दो इंडिपेंडेंट इंजीनियर और कंस्ट्रक्शन एजेंसी से जुड़ा एक मेंटेनेंस इंजीनियर शामिल है।
वर्मा ने बताया कि कंस्ट्रक्शन के दौरान कम्पैक्शन और क्वालिटी बनाए रखने के लिए ऑटोमेटेड इंटेलिजेंस मशीन गाइडेड कंस्ट्रक्शन यानी AIMGC जैसी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया था। हालांकि, यह सिस्टम भविष्य में सड़क को होने वाले नुकसान का अनुमान लगाने के लिए डिजाइन नहीं किया गया है।
13 जुलाई को हुआ था उद्घाटन
करीब 4,200 करोड़ रुपये की लागत वाले लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 13 जुलाई को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने किया था। इस दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद थे।
एक्सप्रेसवे को अगले दिन ट्रैफिक के लिए खोल दिया गया था। इसके ऑपरेशनल होने के बाद यह दूसरी टेक्निकल समस्या है, जिसके बाद अब जांच रिपोर्ट पर सबकी नजर रहेगी।