Kia Sorento की एंट्री से Innova Hycross की बढ़ेगी टेंशन? ₹30-40 लाख में अब मुकाबला हुआ दिलचस्प

₹30-40 लाख के सेगमेंट में Toyota Innova Hycross लंबे समय से मजबूत विकल्प रही है, लेकिन Kia Sorento की एंट्री ने मुकाबला बदल दिया है। Hycross जहां दूसरी पंक्ति के आराम और हाइब्रिड तकनीक पर जोर देती है, वहीं Sorento AWD, ज्यादा तकनीकी फीचर्स और SUV जैसे अंदाज के साथ ग्राहकों को अपनी ओर खींचने की कोशिश करेगी।

Advertisement
Kia Sorento और Toyota Innova Hycross: ₹30-40 लाख में नया मुकाबला
Kia Sorento और Toyota Innova Hycross: ₹30-40 लाख में नया मुकाबला

In Short

  • Innova Hycross की सबसे बड़ी ताकत ओटोमन कैप्टन सीट्स, ज्यादा आराम और स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड तकनीक है।
  • Kia Sorento में AWD, दूसरी पंक्ति में वेंटिलेटेड सीट्स और कई आधुनिक तकनीकी फीचर्स मिलते हैं।
  • ₹30-40 लाख के सेगमेंट में Sorento की एंट्री से Hycross को अब एक नया और मजबूत विकल्प मिला है।

By Shakshi:

भारत में ₹30-40 लाख की कीमत में बड़ी और आरामदायक फैमिली कार खरीदने वालों के लिए Toyota Innova Hycross अब तक सबसे मजबूत विकल्पों में से एक रही है। खासकर इसके महंगे हाइब्रिड वेरिएंट उन ग्राहकों को पसंद आते हैं, जिन्हें सात सीटों के साथ ज्यादा जगह, आराम और बेहतर माइलेज चाहिए। अब Kia Sorento की भारत में एंट्री से इस सेगमेंट में नया मुकाबला खड़ा हो गया है। Sorento की शुरुआती कीमत ₹27.99 लाख है और ऊंचे वेरिएंट करीब ₹40 लाख के आसपास पहुंचते हैं। ऐसे में सवाल यही है कि क्या Innova Hycross को अब सच में चिंता करने की जरूरत है?

Hycross की सबसे बड़ी ताकत है पीछे बैठने वालों का आराम

Innova Hycross की पहचान सिर्फ एक बड़ी सात सीटर गाड़ी के तौर पर नहीं है। इसके टॉप वेरिएंट में दूसरी पंक्ति के लिए पावर्ड ओटोमन कैप्टन सीट्स मिलती हैं। इन सीटों पर पैर फैलाकर बैठा जा सकता है और लंबी यात्रा के दौरान आराम काफी बेहतर हो जाता है। यही फीचर Hycross को उन खरीदारों के लिए खास बनाता है, जो खुद गाड़ी चलाने से ज्यादा पीछे बैठकर सफर करते हैं।

इसके अलावा इसमें पैनोरमिक सनरूफ, आगे की वेंटिलेटेड सीट्स, JBL का 9 स्पीकर वाला ऑडियो सिस्टम और पावर्ड टेलगेट जैसे फीचर भी मिलते हैं। यानी Hycross का पूरा जोर आराम, जगह और परिवार के साथ सफर को आसान बनाने पर है।

हाइब्रिड इंजन Hycross की बड़ी खासियत

Innova Hycross में 2.0 लीटर का स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड इंजन मिलता है। यह सिस्टम पेट्रोल इंजन और इलेक्ट्रिक मोटर दोनों की मदद से चलता है। इसका फायदा खास तौर पर शहर में मिलता है, जहां बार बार रुकने और चलने वाली ट्रैफिक में ईंधन की खपत कम हो सकती है। यही वजह है कि Hycross उन ग्राहकों के लिए ज्यादा व्यावहारिक विकल्प बनती है, जो रोजाना काफी किलोमीटर गाड़ी चलाते हैं।

Toyota Safety Sense के तहत इसमें एडेप्टिव क्रूज कंट्रोल, लेन ट्रेस असिस्ट, ब्लाइंड स्पॉट मॉनिटर और रियर क्रॉस ट्रैफिक अलर्ट जैसे सुरक्षा फीचर भी मिलते हैं।

Sorento की ताकत है SUV वाला अंदाज और AWD

Kia Sorento दूसरी तरफ ज्यादा पारंपरिक एसयूवी जैसा अनुभव देती है। इसका ऊंचा स्टांस, ज्यादा मजबूत दिखने वाला डिजाइन और ऑल व्हील ड्राइव का विकल्प इसे Hycross से अलग बनाता है। Innova Hycross में AWD का विकल्प नहीं मिलता, जबकि Sorento के चुनिंदा वेरिएंट में यह फीचर उपलब्ध है।

इसके साथ Snow, Sand और Mud जैसे ड्राइव मोड भी दिए गए हैं। ऐसे में पहाड़ी इलाकों, खराब सड़कों या मुश्किल रास्तों पर जाने वाले ग्राहकों के लिए Sorento ज्यादा भरोसेमंद विकल्प बन सकती है।

Sorento में तकनीक पर ज्यादा जोर

Kia Sorento की सबसे बड़ी खूबियों में से एक इसका फीचर से भरपूर केबिन है। इसमें दो 12.3 इंच की बड़ी स्क्रीन, हेड अप डिस्प्ले, डिजिटल रियर व्यू मिरर, डिजिटल की और रिमोट स्मार्ट पार्किंग असिस्ट जैसे फीचर मिलते हैं।

इसके अलावा इसमें आगे और पीछे डैशकैम, 220 वोल्ट इन्वर्टर और एआई आधारित असिस्टेंट भी दिए गए हैं। ये ऐसे फीचर हैं जो Innova Hycross में नहीं मिलते और यही Sorento को तकनीक-पसंद करने वाले ग्राहकों के लिए ज्यादा आकर्षक बनाते हैं।

पीछे की सीट पर दोनों का अलग तरीका

दोनों गाड़ियां पीछे बैठने वाले यात्रियों के आराम पर जोर देती हैं, लेकिन उनका तरीका अलग है। Hycross में ओटोमन कैप्टन सीट्स मिलती हैं, जिनमें पैर फैलाकर आराम से बैठा जा सकता है। Sorento में दूसरी पंक्ति में वेंटिलेटेड सीट्स मिलती हैं, जो गर्म मौसम में ज्यादा आराम देती हैं।

यानी अगर कोई ग्राहक लंबी यात्रा में पैर फैलाकर बैठना पसंद करता है तो Hycross ज्यादा बेहतर लग सकती है। वहीं अगर ठंडी और हवादार सीटों के साथ ज्यादा तकनीकी फीचर चाहिए तो Sorento बढ़त बना सकती है।

सुरक्षा में भी Sorento ने लगाया जोर

Kia Sorento में 10 एयरबैग तक दिए गए हैं। इसके साथ Level 2 ADAS के तहत कई चालक सहायता फीचर मिलते हैं। दूसरी तरफ Innova Hycross में भी Toyota Safety Sense के तहत कई आधुनिक सुरक्षा फीचर दिए गए हैं।

फर्क यह है कि Sorento की सुरक्षा फीचर सूची ज्यादा लंबी दिखाई देती है, जबकि Hycross का जोर आराम और रोजमर्रा की उपयोगिता के साथ सुरक्षा देने पर है।

तो क्या Hycross को डरने की जरूरत है?
Kia Sorento की एंट्री से Innova Hycross का बाजार तुरंत कमजोर नहीं होने वाला। Hycross की सबसे बड़ी ताकत उसकी मजबूत ब्रांड पहचान, Toyota की भरोसेमंद छवि, आरामदायक दूसरी पंक्ति और हाइब्रिड तकनीक है। ये चीजें उसे अभी भी बहुत मजबूत बनाती हैं।

लेकिन Sorento ने ₹30-40 लाख के सेगमेंट में पहली बार एक ऐसा विकल्प दिया है, जो Hycross से अलग होने के बावजूद उसी ग्राहक को अपनी ओर खींच सकता है। अगर किसी खरीदार को SUV जैसा अंदाज, AWD, ज्यादा तकनीक, डीजल का विकल्प और ज्यादा फीचर चाहिए तो Sorento उसके लिए बेहतर विकल्प बन सकती है।

यानी Hycross का दबदबा अभी खत्म नहीं हुआ है, लेकिन अब उसे मैदान खाली भी नहीं मिलेगा। ₹30-40 लाख में खरीदारों के पास पहली बार दो अलग सोच वाली प्रीमियम फैमिली कारों के बीच सही मायने में मुकाबला चुनने का मौका होगा।

Read more!
Advertisement