पेट्रोल में और बढ़ेगी इथेनॉल की मात्रा! E21 और E25 फ्यूल लाने की तैयारी में सरकार - डिटेल्स
पेट्रोल में बड़ा बदलाव आने की तैयारी चल रही है। जिसका असर आपकी गाड़ी, माइलेज और देश के तेल आयात बिल तक पर पड़ सकता है। आखिर क्या है E21 और E25 का पूरा खेल, जानिए पूरी खबर।

कच्चे तेल की लगातार बढ़ती मांग और दुनिया में चल रहे युद्ध के कारण पैदा हुए संकट ने तेल की कीमतों को आसमान पर ला दिया है। दुनियाभर के तमाम देश ईंधन और LPG के संकट का सामना कर रहे हैं। इस सिलसिले में भारत सरकार कच्चे तेल पर निर्भरता को कम करने के लिए पेट्रोल में इथेनॅाल की मात्रा और अधिक करने की योजना बना रही है।
पीएम मोदी ने भी बीते दिन पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने की मांग की है। सरकार आने वाले सालों में E21 और फिर E25 ब्लेंडेड पेट्रोल लाने के अगले चरण पर काम कर रही है। वर्तमान में E20 फ्यूल लागू है।
क्या है E21 और E25?
कुछ लोग सोच रहे होंगे आखिर यह E21, E25 किस बला का नाम है। इसका सीधा सा मतलब है कि पेट्रोल में जब 21% इथेनॅाल मिलाया जाता है तो वह E21 कहलाता है और जब इसमें 25% इथेनॅाल मिलाया जाता है तो इसे E25 कहा जाता है। ठीक इसी तरह E10 और E20 होते है।
2027 तक योजना शुरू होने के आसार
बिजनेस टुडे में सुत्रों के हवाले से छपी रिपोर्ट के मुताबिक केंद्र सरकार 2027 तक E21 और फिर E25 ब्लेंडेड पेट्रोल ला सकती है। सरकार इस बदलाव को चरणबद्ध तरीके से लागू करेगी, ताकि वाहन कंपनियां इंजन और इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर सकें। साथ ही E20 फ्यूल को लेकर माइलेज घटने, मेंटनेंस बढ़ने और पार्ट्स खराब होने जैसी शिकायतों पर भी सरकार नजर बनाए हुए है।
भारत लंबे समय से कच्चे तेल के आयात पर निर्भर रहा है। इसी वजह से सरकार इथेनॉल ब्लेंडिंग पर जोर दे रही है, ताकि पेट्रोल की खपत और विदेशी मुद्रा खर्च कम किया जा सके।
1.5 लाख करोड़ रुपये के विदेशी मुद्रा की होगी बचत
सरकार के मुताबिक, 20% इथेनॉल ब्लेंडिंग से हर साल करीब 4.5 करोड़ बैरल कच्चे तेल की बचत हो रही है और लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा भी बच रही है। भारत पहले ही E20 पेट्रोल लागू कर चुका है और अब सरकार अगले चरण की तैयारी में जुटी है।