त्योहारी सीजन में बाइक-स्कूटर ने मारी बाजी, कारों की बिक्री को लगा झटका! जानें क्या कहती है Jefferies की रिपोर्ट
त्योहारी सीजन में गाड़ियों की बिक्री को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। जहां बाइक और स्कूटर की मांग तेजी से बढ़ रही है, वहीं कारों की बिक्री की रफ्तार धीमी पड़ गई है। Jefferies की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, शुरुआती 14 दिनों में दोपहिया वाहनों ने बेहतर प्रदर्शन किया है। वहीं, ट्रक और ट्रैक्टर की बिक्री में भी जबरदस्त उछाल देखने को मिला है।

In Short
- त्योहारी सीजन में दोपहिया वाहनों के रजिस्ट्रेशन 16% बढ़े।
- कारों के रजिस्ट्रेशन में 6% की गिरावट दर्ज हुई।
- ट्रक के रजिस्ट्रेशन 76% और ट्रैक्टर के 21% बढ़े।
भारत में त्योहारी सीजन के दौरान ऑटो सेक्टर में मिला-जुला असर देखने को मिला है। इस बार बाइक और स्कूटर की मांग कारों के मुकाबले ज्यादा रही है। ब्रोकरेज फर्म जेफरीज (Jefferies) की रिपोर्ट के मुताबिक, त्योहारी सीजन के शुरुआती 14 दिनों में दोपहिया वाहनों के रजिस्ट्रेशन में अच्छी बढ़ोतरी हुई, जबकि पैसेंजर व्हीकल यानी कारों के रजिस्ट्रेशन में गिरावट दर्ज की गई।
दोपहिया वाहनों की बिक्री में 16% की बढ़ोतरी
जेफरीज की रिपोर्ट के अनुसार, त्योहारी सीजन के पहले 14 दिनों में दोपहिया वाहनों के रजिस्ट्रेशन में पिछले साल के मुकाबले 16 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, कारों के रजिस्ट्रेशन में 6 प्रतिशत की गिरावट आई है।
रिपोर्ट में बताया गया कि वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर के बीच दोपहिया वाहनों के रजिस्ट्रेशन में 22 प्रतिशत और कंपनियों की थोक बिक्री में 17 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। इससे साफ है कि बाजार में बाइक और स्कूटर की मांग मजबूत बनी हुई है।
पहले हफ्ते के बाद कारों की मांग पड़ी धीमी
त्योहारी सीजन के शुरुआती सात दिनों में कारों के रजिस्ट्रेशन में 7 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी। हालांकि, दूसरे हफ्ते में मांग कमजोर पड़ गई।
इससे पहले अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच पैसेंजर वाहनों के रजिस्ट्रेशन और थोक बिक्री में सालाना आधार पर 28 से 29 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। ऐसे में त्योहारी सीजन के दौरान कारों की मांग में आई सुस्ती ऑटो सेक्टर के लिए चिंता का विषय बन सकती है।
ट्रक और ट्रैक्टर की बिक्री में भी जोरदार उछाल
रिपोर्ट के मुताबिक, त्योहारी सीजन के पहले 14 दिनों में ट्रकों के रजिस्ट्रेशन में 76 प्रतिशत की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई। इसकी एक वजह पिछले साल की कमजोर बिक्री भी रही, जब इसी अवधि में रजिस्ट्रेशन 26 प्रतिशत घटे थे।
वहीं, ट्रैक्टर के रजिस्ट्रेशन में 21 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में भी ट्रैक्टर रजिस्ट्रेशन 18 प्रतिशत बढ़े थे।
हालांकि, रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि कमजोर मानसून और पिछले साल की अधिक बिक्री के कारण वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में ट्रैक्टर की मांग पर असर पड़ सकता है।