लग्जरी कार खरीदने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी, India-EU FTA से BMW और Mercedes के दाम घटने की उम्मीद
BMW, Mercedes जैसी लग्जरी कारों का सपना देखने वालों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। भारत-EU FTA से यूरोपीय कारों की एंट्री बढ़ सकती है और कीमतों पर असर पड़ सकता है। लेकिन किन गाड़ियों पर मिलेगी राहत और क्या होंगी शर्तें? पूरी जानकारी के लिए पढ़ें पूरी खबर।

In Short
- भारत-EU FTA के तहत यूरोपीय कारों के लिए बढ़ सकता है आयात कोटा
- BMW और Mercedes जैसी कंपनियों को ज्यादा मॉडल लाने में मिल सकती है मदद
- EV और दूसरी तकनीक वाली कारों पर टैरिफ राहत पांचवें साल से शुरू होगी
भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) का असर ऑटो सेक्टर पर भी दिख सकता है। इस समझौते के तहत यूरोप से आने वाली कारों की संख्या बढ़ सकती है और कुछ गाड़ियों पर आयात शुल्क कम हो सकता है। इससे BMW, Mercedes जैसी लग्जरी कार बनाने वाली कंपनियों को भारत में ज्यादा मॉडल लाने का मौका मिल सकता है।
ड्राफ्ट डील के मुताबिक, पहले साल में यूरोपीय संघ से 1 लाख कारों के लिए टैरिफ रेट कोटा तय किया गया है। यह संख्या 2025 में EU से भारत आयात हुई 17,191 कारों के मुकाबले करीब छह गुना ज्यादा है।
कारों पर घटेगा इंपोर्ट ड्यूटी का बोझ
प्रस्तावित FTA में यूरोपीय संघ को 15,000 यूरो या उससे ज्यादा कीमत वाली कारों पर टैरिफ में राहत दी गई है। हालांकि, 15,000 यूरो से कम कीमत वाली कारों पर भारत ने कोई टैरिफ छूट नहीं दी है, ताकि घरेलू कार कंपनियों को सस्ती यूरोपीय कारों से सुरक्षा मिल सके।
15,000 यूरो से 35,000 यूरो तक कीमत वाली कारों पर आयात शुल्क पहले साल में 110 फीसदी से घटकर 35 फीसदी हो जाएगा। इसके बाद पांचवें साल तक यह घटकर 10 फीसदी तक पहुंच सकता है।
वहीं, 35,000 यूरो से ज्यादा कीमत वाली कारों पर टैरिफ 66 फीसदी से घटकर पहले साल में 30 फीसदी और पांचवें साल तक 10 फीसदी तक आ सकता है। पांचवें साल से 50,000 यूरो से ज्यादा कीमत वाली 43,000 कारें भी इस कोटा के दायरे में आ सकती हैं।
10 साल में बढ़ेगा कारों का कोटा
FTA के तहत यूरोपीय कारों का आयात कोटा धीरे-धीरे बढ़ाया जाएगा। पहले साल का 1 लाख कारों का कोटा 10वें साल तक बढ़कर 1.6 लाख कारों तक पहुंच जाएगा। इससे यूरोपीय लग्जरी कार कंपनियों को भारत में ज्यादा गाड़ियां लाने में आसानी हो सकती है।
इलेक्ट्रिक कारों पर राहत बाद में मिलेगी
इस समझौते में इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV), प्लग-इन हाइब्रिड और अन्य तकनीक वाली कारों के लिए भी छूट का प्रावधान है, लेकिन यह सुविधा पांचवें साल से शुरू होगी।
EV और दूसरी योग्य गाड़ियों के लिए कोटा पांचवें साल में 20,000 यूनिट से शुरू होगा, जो 10वें साल तक 50,000 और 14वें साल के बाद 90,000 यूनिट तक पहुंच सकता है। हालांकि, 20,000 यूरो से कम कीमत वाली इलेक्ट्रिक कारों को कोई टैरिफ छूट नहीं मिलेगी।
ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) के मुताबिक, EU ब्रिटेन के बाद दूसरा बड़ा ट्रेड पार्टनर बन सकता है, जिसे भारत के साथ FTA में ऑटो सेक्टर पर टैरिफ छूट मिलेगी। इससे जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देश भी इसी तरह की मांग कर सकते हैं।
स्टील एक्सपोर्ट को भी मिलेगा फायदा
प्रस्तावित FTA में भारत को यूरोपीय संघ के लिए 16 कैटेगरी में 16.4 लाख टन स्टील एक्सपोर्ट कोटा भी दिया गया है। इसमें मेटालिक कोटेड शीट और स्टेनलेस हॉट-रोल्ड क्वार्टो प्लेट जैसे स्पेशल प्रोडक्ट शामिल हैं।
इस कोटा में 6.9 लाख टन हिस्सा FTA के तहत तय है, जबकि 9.5 लाख टन मोस्ट फेवर्ड नेशन (MFN) कोटा के तहत होगा, जिसमें भारतीय कंपनियों को दूसरे देशों के सप्लायर्स से मुकाबला करना होगा।
यूरोपीय आयोग ने अब भारत-EU FTA को अंतिम मंजूरी के लिए यूरोपीय परिषद के पास भेज दिया है। EU ने इसे दोनों पक्षों के बीच होने वाला सबसे बड़ा व्यापार समझौता बताया है।