बड़ी राहत! E20 पेट्रोल पर ICICI Lombard का यू-टर्न, कहा- सिर्फ फ्यूल के आधार पर क्लेम नहीं होगा खारिज
कंपनी ने बिजनेस टुडे को दिए बयान में कहा, “हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि पुराने वाहनों में E20 फ्यूल के उपयोग को हम लापरवाही नहीं मानते। E20 पर्यावरण के लिए सकारात्मक और प्रगतिशील कदम है।”

E20 पेट्रोल को लेकर हाल ही में उठे विवाद के बीच देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनियों में से एक ICICI Lombard General Insurance ने सोमवार को बड़ा स्पष्टीकरण जारी किया है। कंपनी ने साफ कहा है कि E20 फ्यूल के इस्तेमाल से मोटर बीमा पॉलिसियां प्रभावित नहीं होतीं और केवल E20 फ्यूल के उपयोग के आधार पर किसी क्लेम को खारिज नहीं किया जाता।
कंपनी ने बिजनेस टुडे को दिए बयान में कहा, “हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि पुराने वाहनों में E20 फ्यूल के उपयोग को हम लापरवाही नहीं मानते। E20 पर्यावरण के लिए सकारात्मक और प्रगतिशील कदम है।”
ब्लॉग पोस्ट के बाद उठा था विवाद
यह स्पष्टीकरण ऐसे समय आया है जब 9 जून 2026 को प्रकाशित ICICI Lombard के एक ब्लॉग पोस्ट को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। उस ब्लॉग में कहा गया था कि E20 फ्यूल का इस्तेमाल “गलत उपयोग या लापरवाही” माना जा सकता है और इससे बीमा दावों के खारिज होने की संभावना बन सकती है।
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हालांकि अब कंपनी ने उस ब्लॉग पोस्ट में बदलाव कर दिए हैं और संबंधित शब्दों को हटा लिया गया है। इसके साथ ही कंपनी ने अपनी आधिकारिक स्थिति भी स्पष्ट की है।
E20 फ्यूल से क्लेम पर नहीं पड़ेगा असर
ICICI Lombard ने कहा कि उसकी मोटर बीमा पॉलिसियां दुर्घटना, चोरी, मालिक-चालक और सहयात्रियों के लिए पर्सनल दुर्घटना कवर और थर्ड पार्टी देनदारियों जैसे जोखिमों को कवर करने के लिए बनाई गई हैं।
कंपनी के मुताबिक, किसी दावे की मंजूरी इस बात पर निर्भर करती है कि बीमित जोखिम हुआ है या नहीं। ईंधन का प्रकार- चाहे पेट्रोल, डीजल, CNG या E20- क्लेम की मंजूरी का आधार नहीं होता।
कंपनी ने स्पष्ट किया कि यदि कोई क्लेम पारंपरिक फ्यूल के साथ स्वीकार्य है, तो वही दावा E20 फ्यूल के उपयोग की स्थिति में भी स्वीकार्य रहेगा। ICICI Lombard केवल फ्यूल के प्रकार के आधार पर दावों को खारिज नहीं करती।
सरकार बढ़ा सकती है एथेनॉल मिश्रण
इस बीच सरकार पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण को 20 फीसदी से आगे बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है। इस पहल का उद्देश्य एक ओर कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना है, वहीं दूसरी ओर किसानों की आय बढ़ाने में मदद करना भी है।
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रुपये में कमजोरी और वैश्विक कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बीच ईंधन आयात लागत को कम करना सरकार की प्राथमिकता बन गया है। ऐसे में एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम को ऊर्जा सुरक्षा और कृषि आय दोनों के लिए अहम रणनीति माना जा रहा है।
वाहन मालिकों की चिंता दूर करने की कोशिश
ICICI Lombard के ताजा बयान से उन वाहन मालिकों को राहत मिल सकती है जो E20 ईंधन के इस्तेमाल के बाद बीमा क्लेम पर असर पड़ने को लेकर चिंतित थे। कंपनी ने साफ कर दिया है कि मोटर बीमा पॉलिसी की वैधता और क्लेम की स्वीकार्यता का फैसला ईंधन के प्रकार से नहीं, बल्कि पॉलिसी की शर्तों और बीमित जोखिम की घटना के आधार पर किया जाता है।