GST 2.0 का असर, भारत में कारों की बिक्री ने पकड़ी रफ्तार; कंपनियां बढ़ा रहीं उत्पादन क्षमता
GST 2.0 सुधारों के बाद भारत के ऑटो सेक्टर में कारों की मांग तेजी से बढ़ी है। टैक्स में कटौती से गाड़ियां ज्यादा किफायती हुईं और अब वाहन कंपनियां बढ़ती बिक्री को पूरा करने के लिए अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ा रही हैं। Hyundai, Maruti Suzuki और Mahindra जैसे बड़े खिलाड़ी नए निवेश की तैयारी कर रहे हैं।

In Short
- GST 2.0 के बाद कारों की कीमतें कम हुईं और मांग में तेजी आई।
- Maruti Suzuki के एंट्री सेगमेंट की मांग में 96% से ज्यादा बढ़ोतरी हुई।
- Hyundai और Mahindra बढ़ती बिक्री को देखते हुए उत्पादन क्षमता बढ़ा रही हैं।
GST 2.0 सुधारों के बाद भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर में मांग तेजी से बढ़ी है। 22 सितंबर 2025 से लागू हुए GST बदलावों ने कारों की कीमतों को अधिक किफायती बनाया, जिसके बाद वाहन कंपनियां बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने में जुट गई हैं।
ऑटो कंपनियों के मुताबिक, GST 2.0 के बाद पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में बिक्री की रफ्तार मजबूत हुई है। Hyundai Motor India के MD और CEO तरुण गर्ग ने कहा कि GST सुधारों के बाद हर महीने करीब 4 लाख गाड़ियों की थोक बिक्री अब सामान्य स्तर पर आ गई है।
GST कटौती से कार खरीदना हुआ आसान
GST 2.0 के तहत सरकार ने ऑटो सेक्टर में टैक्स स्ट्रक्चर को आसान बनाया। ज्यादातर कारों पर लगने वाले 28 फीसदी टैक्स को घटाकर 18 फीसदी कर दिया गया। इससे गाड़ियों की कीमतों में कमी आई और ग्राहकों के लिए कार खरीदना पहले से आसान हुआ।
Hyundai के मुताबिक, सितंबर 2025 से मार्च 2026 के बीच पैसेंजर व्हीकल इंडस्ट्री में सालाना आधार पर 15 फीसदी से ज्यादा की ग्रोथ दर्ज हुई। वहीं, अप्रैल से अगस्त FY27 के दौरान यह वृद्धि 29 फीसदी से ज्यादा रही।
कंपनी अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने के लिए कदम उठा रही है। Hyundai ने पुणे स्थित जनरल मोटर्स के तालेगांव प्लांट का अधिग्रहण कर भारत में अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने की योजना बनाई है।
Maruti और Mahindra ने भी बढ़ाई क्षमता विस्तार की तैयारी
देश की सबसे बड़ी कार निर्माता Maruti Suzuki ने बताया कि GST सुधारों के बाद एंट्री-लेवल कारों की मांग में 96 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। कंपनी के अनुसार, कम टैक्स और बेहतर अफोर्डेबिलिटी के कारण कई परिवार अब दोपहिया वाहन से चारपहिया वाहन की ओर बढ़ रहे हैं।
Maruti Suzuki के MD और CEO हिसाशी टेकुची ने कहा कि अप्रैल-अगस्त 2026 के दौरान कंपनी की पैसेंजर व्हीकल बिक्री में करीब 36 फीसदी की सालाना वृद्धि हुई। उन्होंने कहा कि बढ़ती मांग को देखते हुए कंपनी अपनी कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) योजनाओं को तेज कर रही है।
वहीं, Mahindra Group के CEO और MD अनीश शाह ने कहा कि GST 2.0 ने वाहन खरीद को अधिक किफायती बनाया है। उन्होंने बताया कि टैक्स सुधारों के बाद SUVs की बिक्री में 17 फीसदी और LCVs व ट्रैक्टर सेगमेंट में 20 फीसदी की वृद्धि हुई है।
Mahindra अब बढ़ती मांग को देखते हुए अपने कई कारोबारों में उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए निवेश कर रहा है। कंपनी का कहना है कि आसान टैक्स व्यवस्था, कम लागत और बेहतर मांग से ऑटो सेक्टर के साथ-साथ मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई चेन को भी फायदा मिल रहा है।
कुल मिलाकर, GST 2.0 के बाद ऑटो सेक्टर में मांग बढ़ने से कंपनियों का विस्तार तेज हुआ है। बढ़ती बिक्री और नए निवेश से भारत का कार बाजार आने वाले समय में और मजबूत होने की उम्मीद है।