कैब-ऑटो ऐप्स पर सरकार सख्त, सफर पूरा होने से पहले टिप मांगने वाले सभी प्रॉम्प्ट हटाने का आदेश जारी
कैब बुक करते समय दिखने वाले कुछ टिप ऑप्शन अब बदलने वाले हैं। सड़क परिवहन मंत्रालय ने राइड हेलिंग कंपनियों के लिए साफ निर्देश जारी किए हैं। नए नियम में यह तय किया गया है कि टिप का विकल्प कब दिखेगा, किसे पूरी रकम मिलेगी और किन मैसेज पर रोक रहेगी।

In Short
- राइड शुरू होने या पूरी होने से पहले टिप का ऑप्शन नहीं दिखाया जा सकेगा।
- टिप की पूरी रकम ड्राइवर को मिलेगी, एग्रीगेटर कोई कटौती नहीं कर सकेगा।
- टिप देकर जल्दी राइड या बेहतर सर्विस मिलने जैसा मैसेज दिखाने पर भी रोक रहेगी।
कैब या दूसरे राइड हेलिंग ऐप्स से सफर बुक करते समय अब पहले से टिप देने के लिए मैसेज या ऑप्शन नहीं दिखाया जा सकेगा। PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय यानी एमओआरटीएच ने मोटर व्हीकल एग्रीगेटर्स को ऐसे ऑप्शन तुरंत हटाने को कहा है। मंत्रालय का कहना है कि टिप पूरी तरह यात्री की मर्जी से होनी चाहिए और इसका ऑप्शन सफर पूरा होने के बाद ही दिखाया जा सकता है। सरकार ने अपने निर्देश में साफ किया है कि ऐप पर टिप का ऑप्शन कब दिखेगा, इसकी रकम किसे मिलेगी और कंपनियों को किन फीचर्स को हटाना होगा।
सफर पूरा होने से पहले नहीं दिखेगा टिप का ऑप्शन
PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, एमओआरटीएच ने 11 अगस्त 2026 को जारी डायरेक्टिव में कहा कि सभी मोटर व्हीकल एग्रीगेटर्स अपने मोबाइल ऐप्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म का तुरंत रिव्यू करें। उन्हें मोटर व्हीकल एग्रीगेटर गाइडलाइंस 2025 के क्लॉज 14.15 का सख्ती से पालन करना होगा। अगर किसी ऐप में इन नियमों के खिलाफ कोई फीचर या फंक्शन मौजूद है तो उसे बिना देरी के बदलना होगा।
इन मैसेज और ऑप्शन पर मंत्रालय की आपत्ति
मंत्रालय के मुताबिक कुछ राइड एग्रीगेटर्स बुकिंग या सफर पूरा होने से पहले 'एडवांस टिप', 'चूज एन ऐड-ऑन', 'जल्दी राइड कन्फर्म होने की संभावना बढ़ाएं' और 'टिप जोड़ने पर ड्राइवर इस ट्रिप को जल्दी स्वीकार कर सकता है' जैसे मैसेज या ऑप्शन दिखा रहे थे। सरकार का कहना है कि ऐसे मैसेज यात्री को अतिरिक्त पैसे देने के लिए प्रभावित कर सकते हैं।
सफर पूरा होने के बाद ही दे सकेंगे टिप
मोटर व्हीकल एग्रीगेटर गाइडलाइंस 2025 के क्लॉज 14.15 के तहत कंपनियां यात्रियों को अपनी मर्जी से ड्राइवर को टिप देने का फीचर दे सकती हैं। हालांकि, यह ऑप्शन केवल सफर पूरा होने के बाद ही दिखाई देना चाहिए। बुकिंग के समय, सफर शुरू होने से पहले या सफर के दौरान टिप देने का ऑप्शन नहीं होना चाहिए।
ड्राइवर को मिलेगी टिप की पूरी रकम
गाइडलाइंस में यह भी साफ किया गया है कि यात्री की ओर से दी गई टिप की पूरी रकम ड्राइवर को मिलनी चाहिए। एग्रीगेटर इस रकम में किसी तरह की कटौती नहीं कर सकता। यानी कंपनी टिप के पैसे में से कोई हिस्सा अपने पास नहीं रख सकती।
टिप देकर जल्दी राइड मिलने का मैसेज भी नहीं चलेगा
एमओआरटीएच के मुताबिक ऐप में ऐसा कोई मैसेज, ऐड-ऑन, पेमेंट ऑप्शन या यूजर इंटरफेस नहीं होना चाहिए जिससे यात्री को लगे कि अतिरिक्त पैसा देने से उसकी राइड जल्दी कन्फर्म होगी। टिप को ड्राइवर के राइड स्वीकार करने, ड्राइवर मिलने, कम वेटिंग टाइम या बेहतर सर्विस से जोड़कर भी नहीं दिखाया जा सकता।
भ्रम में डालने वाले टिपिंग फीचर पर भी रोक
मंत्रालय ने कहा है कि टिप देना पूरी तरह यात्री की मर्जी पर निर्भर होना चाहिए। कोई भी टिपिंग फीचर ऐसा नहीं होना चाहिए जो यात्री को भ्रम में डाले, उस पर दबाव बनाए या कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट 2019 और उससे जुड़े नियमों का उल्लंघन करे। ऐसे सभी फीचर्स को एग्रीगेटर्स को तुरंत हटाना या नियमों के मुताबिक बदलना होगा।