FASTag का बैंक बदलना हुआ आसान! अब नहीं खरीदना पड़ेगा नया स्टिकर, जानें कैसे काम करेगी OneTag सर्विस

FASTag इस्तेमाल करने वाले वाहन मालिकों के लिए एक नई सुविधा शुरू हुई है। अब बैंक बदलने के लिए बार-बार नया स्टिकर खरीदने की परेशानी खत्म हो सकती है। आखिर कैसे काम करेगी OneTag सर्विस? किन बैंकों में मिलेगी यह सुविधा और बैंक बदलने के लिए क्या करना होगा? जानिए पूरी डिटेल।

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In Short

  • NHAI ने FASTag यूजर्स के लिए नई OneTag पोर्टेबिलिटी सर्विस शुरू की है।
  • अब बिना नया FASTag स्टिकर खरीदे मौजूदा टैग से जुड़े बैंक को बदल सकेंगे।
  • FASTag को दोबारा दूसरे बैंक में पोर्ट करने के लिए 6 महीने इंतजार करना होगा।

By Gungun Mishra:

FASTag इस्तेमाल करने वाले वाहन मालिकों के लिए अच्छी खबर है। अब FASTag का बैंक बदलने के लिए नया स्टिकर खरीदने और पुराना स्टिकर हटाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने OneTag नाम से नई FASTag पोर्टेबिलिटी सर्विस शुरू की है। इसके जरिए वाहन मालिक अपना मौजूदा FASTag बदले बिना उससे जुड़े बैंक को बदल सकेंगे। आइए जानते हैं कि यह सुविधा कैसे काम करेगी और बैंक बदलने का पूरा प्रोसेस क्या है।

क्या है OneTag सर्विस?

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में मुंबई में आयोजित ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में OneTag सर्विस लॉन्च की थी।

यह सुविधा मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी की तरह काम करेगी। जिस तरह मोबाइल नंबर बदले बिना टेलिकॉम कंपनी बदली जा सकती है, उसी तरह अब FASTag का स्टिकर बदले बिना उससे जुड़ा बैंक या इशुअर बदला जा सकेगा।

अभी तक बैंक बदलने के लिए वाहन मालिकों को नया FASTag खरीदना पड़ता था और गाड़ी की विंडस्क्रीन से पुराना स्टिकर हटाना पड़ता था। OneTag से यह परेशानी खत्म हो जाएगी।

FASTag का बैंक कैसे बदलें?

FASTag को दूसरे बैंक में पोर्ट करने के लिए वाहन मालिक को सबसे पहले राजमार्गयात्रा ऐप में लॉग इन करना होगा। इसके बाद गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर डालकर चेक करना होगा कि वाहन पोर्टेबिलिटी के लिए योग्य है या नहीं।

अगर वाहन योग्य है, तो मौजूदा FASTag बैंक रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर 6 अंकों का वेरिफिकेशन कोड भेजेगा।

इसके बाद यूजर को नया FASTag इशुअर बैंक चुनना होगा। नए बैंक के साथ कस्टमर वेरिफिकेशन और वॉलेट ऑनबोर्डिंग का प्रोसेस पूरा होते ही पोर्टेबिलिटी हो जाएगी।

इस दौरान वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर से जुड़ी FASTag ID नहीं बदलेगी। पुराना स्टिकर ही काम करेगा और टोल पेमेंट नए बैंक अकाउंट के जरिए किया जा सकेगा।

क्या दोबारा बैंक बदल सकते हैं?

OneTag के जरिए FASTag को दोबारा किसी दूसरे बैंक में पोर्ट किया जा सकता है। हालांकि, इसके लिए 6 महीने इंतजार करना होगा।

पोर्टेबिलिटी पूरी होने के बाद पुराना बैंक FASTag वॉलेट बंद कर देगा और उसमें बची रकम रिफंड करेगा। इसके बाद 6 महीने का कूलिंग पीरियड लागू होगा। इस दौरान दोबारा बैंक नहीं बदला जा सकेगा।

किन बैंकों में मिलेगी सुविधा?

फिलहाल OneTag की सुविधा कुछ चुनिंदा बैंकों और इशुअर के लिए उपलब्ध है। इनमें SBI, एयरटेल पेमेंट बैंक, एक्सिस बैंक, सिटी यूनियन बैंक, फेडरल बैंक, HDFC बैंक, इंडसइंड बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, करूर वैश्य बैंक और ICICI बैंक शामिल हैं।

NHAI के मुताबिक, इस सुविधा से बार-बार नया FASTag बनाने की जरूरत कम होगी। इससे टैग बनाने, भेजने और दूसरे खर्चों में भी कमी आएगी।

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