दिल्ली में नए ट्रैफिक चालान सिस्टम पर रोक, कोर्ट जाने से पहले नहीं देना होगा 50% जुर्माना, जानें पूरी बात
दिल्ली में नए ट्रैफिक चालान सिस्टम को लेकर जारी विवाद के बीच सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। 50 प्रतिशत जुर्माना जमा करने वाले नियम पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। वकीलों की आपत्तियों के बाद अब परिवहन विभाग पूरे मामले की समीक्षा करेगा।

In Short
- दिल्ली सरकार ने नए ट्रैफिक चालान सिस्टम के नोटिफिकेशन पर फिलहाल रोक लगा दी है।
- चालान चुनौती देने के बाद कोर्ट जाने से पहले 50% जुर्माना जमा करने की शर्त स्थगित हुई।
- वकीलों की आपत्तियों और सुझावों की परिवहन विभाग करेगा समीक्षा।
दिल्ली सरकार ने नए ट्रैफिक चालान सिस्टम पर फिलहाल रोक लगा दी है। अब वाहन चालकों को चालान को चुनौती देने के बाद अदालत जाने से पहले 50 प्रतिशत जुर्माने की राशि जमा करने की जरूरत नहीं होगी। वकीलों के विरोध के बाद परिवहन विभाग ने 14 सितंबर 2026 को जारी नोटिफिकेशन को अगले आदेश तक लागू नहीं करने का फैसला लिया है।
50% जुर्माना जमा करने के नियम पर रोक
दिल्ली में ट्रैफिक चालान के निपटारे के लिए नई व्यवस्था लागू की गई थी। इसके तहत अगर कोई व्यक्ति चालान को चुनौती देता और उसकी अपील शुरुआती स्तर पर खारिज हो जाती, तो उसे अदालत जाने से पहले चालान की 50 प्रतिशत राशि जमा करनी होती।
इस नियम को लेकर दिल्ली के वकीलों ने विरोध जताया था। इसके बाद दिल्ली सरकार ने इस प्रावधान पर फिलहाल रोक लगा दी है। अब नई व्यवस्था के तहत 50 प्रतिशत जुर्माना जमा करने की अनिवार्यता लागू नहीं होगी।
वकीलों की आपत्तियों की होगी समीक्षा
दिल्ली के परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह ने कहा कि नए चालान सिस्टम को लेकर वकीलों की चिंताओं को गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने बताया कि वकीलों की ओर से मिली शिकायतों और सुझावों की परिवहन विभाग समीक्षा करेगा।
इसके बाद पूरे मामले की जानकारी दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को भी दी जाएगी। परिवहन विभाग को 14 सितंबर 2026 को जारी नोटिफिकेशन के अमल पर अगले फैसले तक रोक रखने के निर्देश दिए गए हैं।
क्या था नया चालान सिस्टम?
केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 167 में बदलाव के बाद ट्रैफिक चालान विवादों के निपटारे के लिए नई व्यवस्था बनाई गई थी।
इस व्यवस्था के तहत वाहन चालकों के पास दो विकल्प थे। पहला, चालान स्वीकार करके निर्धारित जुर्माना जमा करना। दूसरा, चालान से असहमति होने पर तय प्रक्रिया के तहत उसे चुनौती देना।
चालान को चुनौती देने वाले व्यक्ति को चालान जारी होने के 45 दिनों के भीतर जरूरी दस्तावेजों के साथ निर्धारित अधिकारी के सामने अपना पक्ष रखना होता था। अगर अपील खारिज हो जाती, तो अदालत जाने से पहले 50 प्रतिशत जुर्माना जमा करने का प्रावधान था।
वकीलों ने क्यों जताई आपत्ति?
दिल्ली की सभी जिला अदालतों के बार एसोसिएशनों की समन्वय समिति ने नए सिस्टम के कई प्रावधानों पर सवाल उठाए थे।
वकीलों का कहना था कि चालान को चुनौती देने के बाद पहले यह तय करने की जिम्मेदारी सरकारी अधिकारियों को दी गई है कि आपत्ति स्वीकार होगी या नहीं। उनके मुताबिक, चालान विवादों पर अंतिम फैसला न्यायपालिका का विषय होना चाहिए।
इसके अलावा वकीलों ने यह भी कहा कि 50 प्रतिशत जुर्माना जमा करने की शर्त से आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है।
आगे क्या होगा?
दिल्ली सरकार ने फिलहाल नए चालान सिस्टम के नोटिफिकेशन को रोक दिया है। अब परिवहन विभाग वकीलों की शिकायतों और सुझावों की समीक्षा करेगा।
इसके बाद सरकार इस व्यवस्था को लेकर आगे का फैसला करेगी। फिलहाल अदालत जाने से पहले 50 प्रतिशत जुर्माना जमा करने की अनिवार्यता स्थगित है।