दिल्ली सरकार का बड़ा एलान! EV कार खरीदने पर मिलेगी ₹1 लाख तक की सब्सिडी, बस माननी होगी ये शर्त
सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अगर कोई व्यक्ति सरकार की सब्सिडी लेकर इलेक्ट्रिक वाहन खरीदता है, तो वह उसे अगले पांच साल तक बेच या ट्रांसफर नहीं कर पाएगा। नई नीति को सीएम रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में अगली कैबिनेट बैठक पेश किया जाएगा।

Delhi EV Policy 2.0: दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहन (EV) खरीदने वालों के लिए जल्द बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। दिल्ली सरकार अब नई EV Policy 2.0 लाने जा रही है। नए प्लान के तहत ईवी ओनर्स को 1 लाख रुपये तक की सब्सिडी मिल सकती है।
सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अगर कोई व्यक्ति सरकार की सब्सिडी लेकर इलेक्ट्रिक वाहन खरीदता है, तो वह उसे अगले पांच साल तक बेच या ट्रांसफर नहीं कर पाएगा। नई नीति को सीएम रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में अगली कैबिनेट बैठक पेश किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि ईवी सब्सिडी का फायदा सिर्फ उन्हीं लोगों को मिलना चाहिए जो लंबे समय तक इलेक्ट्रिक वाहन का इस्तेमाल करेंगे न कि उन्हें जो जल्दी बेचकर फायदा उठाएं।
इसी वजह से सरकार ने सुझाव दिया है कि सब्सिडी वाले ईवी के ट्रांसफर या दोबारा रजिस्ट्रेशन के लिए नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) जारी नहीं किया जाएगा। यह नियम दूसरे राज्यों में ट्रांसफर पर भी लागू हो सकता है। हालांकि, इस प्रस्ताव को अभी अंतिम मंजूरी मिलनी बाकी है।
दिल्ली परिवहन विभाग ने अप्रैल में ईवी पॉलिसी 2.0 का ड्राफ्ट जारी किया था और 10 मई तक लोगों से सुझाव मांगे थे। अधिकारियों के मुताबिक सरकार को 700 से ज्यादा सुझाव मिले। इन्हीं सुझावों की समीक्षा के बाद अंतिम ड्राफ्ट तैयार किया गया है।
गाड़ी खरीदने के 60 दिन के अंदर मिलेगी सब्सिडी
नई नीति में सब्सिडी लेने की प्रक्रिया भी तय की गई है। अगर कोई व्यक्ति ईवी खरीदकर सब्सिडी लेना चाहता है, तो उसे वाहन रजिस्ट्रेशन के 30 दिनों के अंदर आवेदन करना होगा। सब्सिडी की राशि सीधे खरीदार के बैंक खाते में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के जरिए अधिकतम 60 दिनों के अंदर भेजी जाएगी।
यह फायदा सिर्फ दिल्ली के निवासियों को मिलेगा और वही वाहन सब्सिडी के लिए योग्य होंगे जो सरकार की मंजूर ईवी सूची में शामिल होंगे। प्रस्तावित नीति के मुताबिक अलग-अलग ईवी कैटेगरी के लिए अलग सब्सिडी का प्रस्ताव रखा गया है।
ईवी कार पर 1 लाख रुपये की सब्सिडी
ई-बाइक खरीदने पर पहले साल में 30 हजार रुपये तक की सब्सिडी मिल सकती है। इलेक्ट्रिक ऑटो पर 50 हजार रुपये तक और इलेक्ट्रिक कारों पर पहले साल में अधिकतम 1 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जा सकती है। हालांकि आने वाले वर्षों में यह सब्सिडी धीरे-धीरे कम की जाएगी।
इसके अलावा सरकार रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में भी राहत देने की तैयारी कर रही है। 30 लाख रुपये तक की कीमत वाले इलेक्ट्रिक वाहनों पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क पूरी तरह माफ किया जा सकता है। वहीं स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड वाहनों को 50% तक की छूट देने का प्रस्ताव है।
पुराने BS-4 वाहनों को स्क्रैप कर ईवी खरीदने वालों को अतिरिक्त प्रोत्साहन भी दिया जा सकता है। यह इंसेंटिव 10 हजार रुपये से लेकर 1 लाख रुपये तक हो सकता है।
ईवी वाहनों को मिलेगा बढ़ावा
देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें लगातार नई योजनाएं ला रही हैं। केंद्र सरकार की PM E-DRIVE योजना के तहत ईवी और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही ईवी और चार्जिंग से जुड़े उपकरणों पर सिर्फ 5% जीएसटी लगाया जा रहा है, ताकि खरीदारी सस्ती हो सके।
महाराष्ट्र, गुजरात, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश जैसे कई राज्य भी अपनी तरफ से अलग-अलग ईवी सब्सिडी और टैक्स छूट दे रहे हैं। हालांकि, हर राज्य के नियम और फायदे अलग हैं।
कुल मिलाकर, दिल्ली की नई EV Policy 2.0 का मकसद सिर्फ इलेक्ट्रिक वाहन बिक्री बढ़ाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि सब्सिडी का फायदा सही लोगों तक पहुंचे और शहर में प्रदूषण में भी कमी आए।