BAT-BMS ऐप से आपकी EV कार या ईवी बाइक भी हो सकती है बंद? जानिए कितना बड़ा है खतरा और कैसे करें बचाव

दिल्ली और उज्जैन जैसे शहरों में ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां कुछ लोग ई-रिक्शा को अपने फोन से बंद कर देते हैं। इसके बाद वे खुद को टेक्नीशियन बताकर ड्राइवर के पास पहुंचते हैं और फोन से गाड़ी चालू करने के बदले 200 रुपये से 500 रुपये तक की मांग रखते हैं। जिस ऐप को ई-रिक्शा से बद किया जा रहा है उसका नाम BAT-BMS ऐप है।

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By Gaurav Kumar:

भारत में ई-रिक्शा और इलेक्ट्रिक गाड़ियों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। लेकिन हाल में सामने आए कुछ वीडियो ने EV मालिकों की चिंता बढ़ा दी है। इन वीडियो में दावा किया गया है कि कुछ लोग मोबाइल ऐप की मदद से चलते ई-रिक्शा को अचानक बंद कर रहे हैं।

दिल्ली और उज्जैन जैसे शहरों में ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां कुछ लोग ई-रिक्शा को अपने फोन से बंद कर देते हैं। इसके बाद वे खुद को टेक्नीशियन बताकर ड्राइवर के पास पहुंचते हैं और फोन से गाड़ी चालू करने के बदले 200 रुपये से 500 रुपये तक की मांग रखते हैं। जिस ऐप को ई-रिक्शा से बद किया जा रहा है उसका नाम BAT-BMS ऐप है।

क्या BAT-BMS ऐप से आपकी EV को दूर से बंद किया जा सकता है?

अब सवाल उठता है कि क्या BAT-BMS जैसे ऐप से आपकी EV कार या बाइक बंद हो सकती है। कुछ मामलों में ऐसा तकनीकी रूप से संभव हो सकता है।

अगर कोई ऐप बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम यानी BMS से जुड़ा हो और उसे बैटरी या गाड़ी के सिस्टम पर कंट्रोल मिल जाए, तो वह कुछ फंक्शन को सीमित या बंद कर सकता है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि BAT-BMS से जुड़ी हर गाड़ी को दूर से बंद किया जा सकता है। 

BAT-BMS ऐप क्या है?

BAT-BMS एक बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम मॉनिटरिंग ऐप है। इसे चीन की कंपनी Shenzhen Grenergy Technology ने बनाया है। इस ऐप का इस्तेमाल ई-रिक्शा की लिथियम बैटरी को मॉनिटर करने के लिए किया जाता है।

यह ऐप बैटरी चार्ज, वोल्टेज, करंट, टेंपरेचर, बैटरी साइकल लाइफ और बैटरी सेल्स की हेल्थ जैसी जानकारी दिखाता है। इसका काम बैटरी की हालत समझने और उसे मैनेज करने में मदद करना था। लेकिन अगर सुरक्षा कमजोर हो और ब्लूटूथ कनेक्शन खुला हो, तो इसका गलत इस्तेमाल भी हो सकता है।

EV मालिक कैसे बचें?

EV मालिकों को सबसे पहले यह ध्यान रखना चाहिए कि वे किसी भी अनजान या थर्ड पार्टी ऐप को गाड़ी या बैटरी से कनेक्ट न करें। हमेशा वही ऐप इस्तेमाल करें, जिसे गाड़ी या बैटरी बनाने वाली कंपनी ने आधिकारिक तौर पर दिया हो।

ऐप को भरोसेमंद ऐप स्टोर से ही डाउनलोड करें। किसी अनजान लिंक, वेबसाइट या दूसरे व्यक्ति की भेजी हुई APK फाइल से ऐप डाउनलोड करने से बचें। अपने EV ऐप और गाड़ी के सॉफ्टवेयर को समय-समय पर अपडेट करते रहें, क्योंकि अपडेट में अक्सर सुरक्षा से जुड़े सुधार होते हैं।

अगर ऐप में पासवर्ड की सुविधा है, तो मजबूत और अलग पासवर्ड रखें। अपना लॉगिन किसी मैकेनिक, अनजान व्यक्ति या दूसरे ड्राइवर के साथ शेयर न करें।

अगर आपकी गाड़ी या बैटरी में रिमोट एक्सेस का फीचर है और आप उसका इस्तेमाल नहीं करते, तो उसे बंद करवाने के लिए कंपनी या कंपनी के आधिकारिक सर्विस सेंटर से बात करें।

ई-रिक्शा ड्राइवरों को खास तौर पर सतर्क रहना चाहिए। अगर गाड़ी अचानक बंद होती है और कोई व्यक्ति तुरंत आकर फोन से ठीक करने के नाम पर पैसे मांगे, तो पहले कंपनी के अपने सर्विस सेंटर या भरोसेमंद मैकेनिक से संपर्क करें।

क्या डरने की है जरूरत?

हर EV मालिक को घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्क रहना जरूरी है। सभी EV में ऐसा खतरा नहीं होता, लेकिन जिन गाड़ियों या बैटरियों में कमजोर ब्लूटूथ सिक्योरिटी या अनसेफ ऐप कनेक्शन है, उनमें जोखिम बढ़ सकता है।

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