CAFE 2027: नई कार खरीदने से पहले जान लें ये बदलाव, माइलेज और कीमत पर पड़ेगा असर
सरकार ने CAFE 2027 नियमों का ड्राफ्ट जारी कर दिया है। नए नियमों के तहत 2027 से गाड़ियों की माइलेज और ईंधन बचाने की क्षमता को लेकर ऑटो कंपनियों पर ज्यादा जिम्मेदारी होगी। इलेक्ट्रिक, हाइब्रिड, E20 और CNG गाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए नए प्रावधान किए गए हैं।

In Short
- 1 अप्रैल 2027 से पैसेंजर गाड़ियों के लिए फ्यूल एफिशिएंसी नियम होंगे सख्त।
- EV, हाइब्रिड, E20 और CNG गाड़ियों को मिलेगा ज्यादा फायदा।
- ऑटो कंपनियां फ्यूल क्रेडिट खरीद और बेच सकेंगी।
CAFE 2027 Rules: देश में गाड़ियों से होने वाले प्रदूषण और पेट्रोल-डीजल की खपत को कम करने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। बिजली मंत्रालय ने बुधवार को कॉर्पोरेट एवरेज फ्यूल इकोनॉमी यानी CAFE 2027 नियमों का ड्राफ्ट जारी किया है। इसके तहत 1 अप्रैल 2027 से कार और दूसरी पैसेंजर गाड़ियों के लिए ईंधन बचाने के नियम और सख्त किए जाएंगे।
नए नियम लागू होने के बाद ऑटो कंपनियों को अपनी गाड़ियों की औसत माइलेज और कम ईंधन में ज्यादा दूरी तय करने की क्षमता को हर साल बेहतर करना होगा। इसके साथ ही इलेक्ट्रिक, हाइब्रिड, फ्लेक्स-फ्यूल और CNG जैसी गाड़ियों को बढ़ावा देने की तैयारी है।
FY32 तक लागू रहेंगे नए CAFE-III नियम
प्रस्तावित CAFE-III नियम वित्त वर्ष 2032 तक लागू रहेंगे। इसके तहत ऑटो कंपनियों को अपनी सभी पैसेंजर गाड़ियों की औसत माइलेज को बेहतर करना होगा।
नए नियमों में गाड़ियों के वजन के हिसाब से ईंधन खर्च की सीमा तय की जाएगी। FY28 से FY32 तक हर साल इन नियमों को और सख्त किया जाएगा। ये नियम भारत में बिकने वाली M1 कैटेगरी की पैसेंजर गाड़ियों पर लागू होंगे।
इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड गाड़ियों को मिलेगा फायदा
CAFE 2027 के ड्राफ्ट में इलेक्ट्रिक अउर कम धुआं छोड़इ वाली गाड़ी खातिर कई नया फायदा देहल गइल बा। बैटरी से चलइ वाली इलेक्ट्रिक अउर रेंज एक्सटेंडर गाड़ी के 3.0 सुपर क्रेडिट मिली, मतलब हिसाब में एक इलेक्ट्रिक गाड़ी के तीन गाड़ी जइसन मानल जाई।
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प्लग-इन हाइब्रिड, स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड, फ्लेक्स-फ्यूल अउर इथेनॉल से चलइ वाली गाड़ी के भी छूट मिली। E20 पेट्रोल वाली गाड़ी के धुआं में 8 फीसदी कमी मानल जाई। फ्लेक्स-फ्यूल अउर फ्लेक्स-फ्यूल हाइब्रिड के 22.3 फीसदी तक, जबकि CNG गाड़ी के 5 फीसदी तक फायदा मिल सकेला।
कंपनियां खरीद और बेच सकेंगी क्रेडिट
नए ड्राफ्ट में फ्यूल एफिशिएंसी क्रेडिट का एक नया सिस्टम बनाने का प्रस्ताव है। जो ऑटो कंपनियां तय लक्ष्य से बेहतर प्रदर्शन करेंगी, उन्हें क्रेडिट मिलेगा। वहीं जो कंपनियां लक्ष्य पूरा नहीं कर पाएंगी, वे दूसरी कंपनियों से क्रेडिट खरीद सकेंगी या सीधे ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी (BEE) से इसे ले सकेंगी।
इसका मकसद कंपनियों को ज्यादा माइलेज वाली और कम प्रदूषण करने वाली गाड़ियां बनाने के लिए बढ़ावा देना है।
नई तकनीक और टेस्टिंग सिस्टम पर जोर
सरकार गाड़ियों में ईंधन बचाने वाली नई तकनीकों के इस्तेमाल को भी बढ़ावा दे रही है।
ऑटो कंपनियों को स्टार्ट-स्टॉप सिस्टम, टायर प्रेशर चेक करने वाली तकनीक, ब्रेक लगाने पर ऊर्जा बचाने वाली तकनीक, LED लाइटिंग और बेहतर एयर कंडीशनिंग जैसी सुविधाओं के इस्तेमाल पर फायदा मिलेगा।
कम ईंधन में बेहतर परफॉर्मेंस देंगी गाड़ियां
CAFE 2027 ड्राफ्ट के जरिए भारत गाड़ियों की जांच प्रक्रिया को दुनिया के मानकों के करीब ले जाने की तैयारी कर रहा है। 1 अप्रैल 2026 से कंपनियों को गाड़ियों की परफॉर्मेंस की जानकारी MIDC और WLTP दोनों टेस्टिंग सिस्टम के तहत देनी होगी।
सालाना 1,000 से कम पैसेंजर गाड़ियां बेचने वाले छोटे ऑटो निर्माताओं को इन नियमों से छूट दी गई है। सरकार ने अंतिम नियम लागू करने से पहले ड्राफ्ट पर लोगों से सुझाव मांगे हैं। नियमों का पालन नहीं करने वाली कंपनियों पर तय नियमों के अनुसार जुर्माना लगाया जाएगा।