भारतीय शेयर बाज़ार
का रोचक इतिहास
3august,2023
भारतीय शेयर बाज़ार
के कुछ प्रमुख प्वाइंट
1855: भारतीय शेयर बाज़ार
का नामकरण हुआ
भारतीय शेयर बाज़ार का शुरूआत कलकत्ता
में हुआ था, जिसका नाम
'कलकत्ता स्टॉक एक्सचेंज'
था
1875: बंबई स्टॉक एक्सचेंज
की स्थापना हुई
1875
में भारत की
अर्थव्यवस्था
का मुख्य केंद्र
मुंबई में 'बंबई स्टॉक एक्सचेंज'
की स्थापना हुई
1956: सेंसेक्स ग्राफ्ट
की स्थापना हुई
सेंसेक्स ग्राफ्ट
को
सेंसेक्स इंडेक्स
के रूप में जाना जाता है
1991
में भारत में
आर्थिक liberalization
के कारण शेयर बाज़ार में विदेशी निवेशकों को एंट्री मिली
जिससे
शेयर बाज़ार
में परिवर्तन हुआ
1992
में सेंसेक्स पहली बार
4000
पार पहुंचा
1994: दिल्ली स्टॉक एक्सचेंज
की स्थापना हुई
2003
में
सेंसेक्स
दोबारा से
6000
पार पहुंचा
2007-2008:
शेयर बाज़ार में उछाल
2007 से 2008
तक
भारतीय शेयर बाज़ार
में तेजी देखने को मिली
2007-2008:
सेंसेक्स अपने
ऑल टाईम हाई
पर रहा
2015 में सेंसेक्स
पहली बार
30000 अंक
के पार
2020 में कोविड-19
महामारी के कारण
भारतीय शेयर बाज़ार
में उतार-चढ़ाव
यह
कुछ प्रमुख प्वाइंट भारतीय शेयर बाज़ार
के विकास में महत्वपूर्ण घटनाओं को दर्शाते हैं
Related Stories
Railway Stocks क्यों हुए धड़ाम?
इस सप्ताह के शीर्ष शेयर: BSE, Tata Chemicals, Exide Industries, Polycab India और अन्य
NBCC News Update: शेयरों में 12% की तेजी, बोनस शेयरों का हो सकता है ऐलान
IPO August 2024: जानिए कौन-से IPO आने वाले हैं AUGUST 2024 में?…….