सितंबर 2022 में Tata Sons को NBFC के तौर पर क्लासिफाई किया गया था
इस हिसाब से सितंबर 2025 तक Tata Sons के लिए लिस्ट होना अनिवार्य है
टाटा ग्रुप की चार कंपनियों Tata Motors, Tata Chemicals, Tata Power और Indian Hotels के पास Tata Sons की हिस्सेदारी है
Tata Chemical में Tata Sons की सबसे ज्यादा हिस्सेदारी है
इस कंपनी में Tata Sons के पास कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन का करीब 66% हिस्सा है। जबकि, बाकी तीन कंपनियों के लिए यह 6% से लेकर 11% तक का हिस्सा है।
2024 के पहले दो महीने में Tata Chemicals के शेयर में अंडरपरफॉर्मेंस देखने को मिली है