Vedanta के निवेशकों के लिए बड़ी खबर! घाटे से मुनाफे में आई कंपनी
अनिल अग्रवाल की Vedanta Ltd. ने अपनी सितंबर तिमाही के रिजल्ट्स का एलान कर दिया है। जिसमें कंपनी ने नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में उसे नेट घाटा हुआ था।

अनिल अग्रवाल की Vedanta Ltd. ने अपनी सितंबर तिमाही के रिजल्ट्स का एलान कर दिया है। जिसमें कंपनी ने नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में उसे नेट घाटा हुआ था।
कंपनी ने ₹5,603 करोड़ की नेट प्रॉफिट रिपोर्ट की है, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में ₹915 करोड़ का शुद्ध घाटा हुआ था। कंपनी को मुनाफा कम टैक्स खर्चों की वजह से हुआ है।
इस तिमाही में वेदान्ता का टैक्स खर्च ₹2,030 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹9,092 करोड़ था। तिमाही की आय ₹37,634 करोड़ रही। हालांकि, साल दर साल आधार पर वेदान्ता की टॉपलाइन में 3.4 प्रतिशत की गिरावट आई है।
वेदान्ता का कामकाजी मुनाफा यानि एबिटडा (EBITDA) पिछले साल के मुकाबले 14.4% घटकर ₹9,828 करोड़ रहा। विश्लेषकों ने तिमाही के लिए कंपनी के EBITDA को ₹9,120 करोड़ के आसपास अनुमानित किया था। तिमाही का एबिटडा मार्जिन साल दर साल आधार पर 29.5% से घटकर 26.1% हो गया। सितंबर तिमाही के अंत में वेदान्ता का शुद्ध कर्ज ₹56,927 करोड़ था, जो जून तिमाही के मुकाबले ₹4,400 करोड़ कम था। वेदान्ता का शुद्ध कर्ज से एबिटडा रेश्यो सितंबर तिमाही में 1.49 गुना रहा, जो पिछली 6 तिमाहियों में सबसे बेहतर स्थिति थी।
कंपनी ने यह भी कहा कि उसके बिजनेस का प्रस्तावित डिमर्जर अपनी योजना के अनुसार चल रहा है और अगले कुछ महीनों में क्रेडिटर्स और शेयरहोल्डर्स की बैठक आयोजित की जाएगी, हालांकि इसके लिए कोई खास समयसीमा साझा नहीं की गई है।
वर्तमान में वेदान्ता के शेयरों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। 2024 में अब तक स्टॉक में लगभग 80 प्रतिशत की वृद्धि हो चुकी है, हालांकि हाल ही में ₹523 के उच्चतम स्तर से 12% की गिरावट आई है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी केवल सूचना के उद्देश्यों के लिए है और इसे निवेश सलाह के रूप में नहीं समझा जाना चाहिए। निवेश निर्णय लेने से पहले एक वित्तीय सलाहकार से परामर्श करने की सिफारिश की जाती है।
